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Pain clinic जेएलएन अस्पताल में दर्द से पीडि़तों के लिए अब पेन क्लिनिक

जेएलएन चिकित्सालय में छह माह से बेहतर सेवाएं

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Pain clinic  जेएलएन अस्पताल में दर्द से पीडि़तों के लिए अब पेन क्लिनिक

Pain clinic जेएलएन अस्पताल में दर्द से पीडि़तों के लिए अब पेन क्लिनिक

अजमेर. जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय के निश्चेतना विभाग की ओर से संचालित पेन क्लिनिक में समस्त प्रकार के क्रोनिक दर्द से पीडि़त मरीजों का सफल उपचार हो रहा है। यह संभाग के आमजन के लिए वरदान साबित हो रहा है। क्रोनिक पेन केवल दर्द नहीं बल्कि एक बीमारी है। अधिकांशत: व्यक्ति के जीवनकाल में कभी न कभी इसका सामना करना पड़ता है।

निश्चेतना विभाग की ओर से मंगलवार को आयोजित प्रतिवेदन कार्यशाला में प्रिसीपल डॉ. वी.बी. सिंह , अति. प्रिंसीपल डॉ. एस.के. भास्कर ने बताया कि मरीजों के क्रोनिक पेन से निजात पाने में पेन क्लिनिक अचूक हथियार साबित हो रहा है। इसके इलाज के लिये उपयुक्तउपकरण जैसे अल्ट्रासाउंड एवंं प्रोसीजर रूम विभाग को उपलब्ध करा दिए हैं एवं भविष्य में अत्याधुनिक मशीऩों की सुविधा भी मरीजों को मिलेगी।
अधीक्षक डॉ.अनिल जैन ने बताया कि अभी तक इसके इलाज की सुविधा महानगरों में ही उपलब्ध थी एवं खर्चीली भी थी। लेकिन यह सुविधा हमारे संस्थान में नि:शुल्क उपलब्ध है। निश्चेतना विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ. कविता जैन, सह आचार्य डॉ दीपक गर्ग ने क्रोनिक पेन मैनेजमेन्ट में एस्क्यूलेप अकेडमी जर्मनी से संबंधित दरदिया हॉस्पिटल कोलकाता से फैलोशिप प्राप्त की है। इस दौरान अति. प्रिंसीपल सुनील माथुर भी मौजूद रहे।
सीनियर प्रोफेसर डॉ. नीना जैन ने क्रोनिक पेन मे दी जा रही सुविधाओं एवंं भविष्य की कार्य योजनाओं का उल्लेख किया।
डॉ कविता जैन ने बताया कि 3 महीने से लम्बी अवधि का दर्द क्रोनिक पेन कहलाता है। लम्बी अवस्था में दर्द रोगिय़ों के लिए नासूर बन जाता है तथा न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक, सामाजिक व आर्थिक पीड़ा का भी कारण है। विभाग में एक्यूट पेन, दर्द रहित प्रसव की सुविधा विगत कई वर्षों से जारी थी लेकिन पिछले 6 महीनों से निश्चेतना विभाग द्वारा अनवरत पेन क्लिनिक संचालित किया जा रहा है। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अन्य राजकीय संस्थाओं एवं मेडिकल कॉलेजों की तुलना में क्रोनिक पेन के नि:शुल्क इलाज में अब राजस्थान में अग्रणी बन गया है।

सीनियर प्रोफेसर डॉ. अरविन्द खरे के अनुसार पेन क्लिनिक में दर्द विज्ञान में विशेषज्ञ दक्ष चिकित्सकों द्वारा दवाई एवं सोनोग्राफी व एक्सरे आदि आधुनिकतम उपकरणों की सहायता से मिनिमल इनवेजिव सूई प्रक्रिया द्वारा मरीज़ों का इलाज किया जा रहा है।

पेन क्लिनिक में अभी तक 650 की ओपीडी

डॉ दीपक गर्ग के अनुसार जेएलएन अस्पताल में बीते 6 माह में पेन क्लिनिक में अभी तक 650 से अधिक ओपीडी मरीजों एवं 100 से अधिक मरीजों का सूंई प्रक्रिया द्वारा सफ ल उपचार किया जा चुका है। विभाग के कमरा संख्या 16 में प्रत्येक बुधवार ओपीडी संचालित हो रही है।

इन बीमारियों का किया जा रहा इलाज

सिरदर्द, माइग्रेन, कंधा, हाथ, पांव, गठिया, साइटिका, कैंसर इत्यादि दर्द के मरीजों का इलाज। वहीं सूई प्रक्रिया के लिए एपिड्यूरल, स्पाइनल, जॉइन्ट इन्जेक्शन, प्रोलोथैरेपी, पीआरपी, ट्रिगर पॉइन्टए नर्व ब्लॉक इत्यादि प्रोसीजर किए जा रहे हैं।