
पार्टी से निष्कासित होते ही बोले पलाड़ा : भाजपा मेरा परिवार...तात्कालिक परिस्थितियों में लड़ा चुनाव
अजमेर. जिला प्रमुख चुनाव में पार्टी से सिम्बल नहीं मिलने पर बगावत कर पत्नी को चुनाव लड़ाने वाले भंवर सिंह पलाड़ा ने साफ कहा कि भाजपा उनका परिवार है...वह भाजपा के हैं और कहीं नहीं जाएंगे...तात्कालिक परिस्थितियों के चलते निर्दलीय चुनाव लडऩे को मजबूर होना पड़ा। गौरतलब है कि पलाड़ा दम्पती को भाजपा से निष्कासित करने के बाद उन्होंने यह बयान दिया।
उधर,भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने बगावत करने,चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पार्टी नेता सचिन पायलट को धन्यवाद देकर भाजपा छोडऩे की सार्वजनिक धमकी को गंभीर माना है। शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने पलाड़ा दम्पती को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। इसके बाद भंवर सिंह पलाड़ा ने प्रतिक्रिया भाजपा से जुड़े रहने की बात कही है।
जिला प्रमुख बनने के बाद पार्टी के खिलाफ बयान
जिला प्रमुख के पद पर पत्नी की ताजपोशी के बाद भाजपा नेताओं पर बरसते हुए भंवर सिंह पलाड़ा गुरुवार को खुद ही पार्टी छोडऩे की धमकी दे रहे थे। वहीं अब पार्टी ने ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। सुशील कंवर ने जहां भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जिला प्रमुख का चुनाव लड़ा। वहीं भंवर सिंह पलाड़ा ने पत्नी के जिला प्रमुख बनने के बाद पार्टी के खिलाफ बयान दिया।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री भजन लाल शर्मा ने पलाड़ा दम्पती को अलग-अलग निष्कासन पत्र जारी किए,जिसमें उनके द्वारा पार्टी का अनुशासन भंग करने का उल्लेख करते हुए निष्कासित करना बताया गया है। हालांकि पलाड़ा भाजपा को अपना परिवार बताते हुए उसी में रहने की बात कह रहे हैं, लेकिन फिलहाल तो उन्हें परिवार ने ही बाहर खड़ा कर दिया है।
यह हुआ था घटनाक्रम
जिला परिषद की कुल 32 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा के 21 एवं कांग्रेस के 11 सदस्य निर्वाचित हुए थे। जिला प्रमुख के लिए भाजपा से सिम्बल नहीं मिलने पर नाराज होकर सुशील कंवर पलाड़ा ने बागी के रूप में ताल ठोक दी। उन्होंने न केवल कांग्रेस से समर्थन लिया, बल्कि भाजपा के 11 अन्य सदस्यों का मतदान भी स्वयं के पक्ष में करवाया। इससे सुशील कंवर को 23 और भाजपा के महेन्द्र सिंह मझेवला को मात्र 9 वोट मिले।
Published on:
12 Dec 2020 12:46 am
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
