
पैरेंट स्पीक: स्कूल खोलें. .मगर बच्चों को सुरक्षित करें. . .
अजमेर. साब! स्कूल खुलें मगर बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरे बंदोबस्त होना जरूरी है। कुछ अभिभावक स्कूल खोलने के पक्ष में नहीं हैं तो कुछ अभिभावक चाहते हैं कि अब स्कूल खुल जाने चाहिएं। स्कूल एकसाथ खोलने की बजाय सिलसिलेवार बड़ी कक्षाओं से शुरू कर फिर छोटी कक्षाओं को खोलने का प्लान तैयार करना चाहिए। ताकि बड़े बच्चों को वैक्सीन लगने के बाद उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार की ओर से आगामी 2 अगस्त से स्कूल खोलने के निर्णय के बाद अजमेर में अभिभावकों ने इस तरह जाहिर की अपनी प्रतिक्रिया। पत्रिका ने जब कुछ अभिभावकों से बातचीत की तो कई अभिभावक फिलहाल स्कूल खोलने की जल्दबाजी नहीं करने की बात कह रहे हैं तो कुछ अभिभावक बच्चों के हित में स्कूल खोलना जरूरी बता रहे हैं।
पहले बच्चों की सेहत. . फिर स्कूल में पढ़ाई!
माकड़वाली रोड निवासी बढ़ई (खाती) का काम करने वाले रामाकिशन तीसरी लहर से सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को मानते हैं। कहते हैं. . देखो साब! पहले बच्चों का स्वास्थ्य जरूरी है। बच्चा स्वस्थ रहेगा तो स्कूल बाद में भी चला जाएगा। हर मां-बाप को अपने बच्चों की चिंता है। हम अभी भी घर में सोशल डिस्टेंस के साथ मास्क लगाकर रखते हैं। दुकान पर भी काम करते समय मास्क लगाकर रखते हैं। अभी स्कूल खोलने का निर्णय सही नहीं है।
घर में तो सिर्फ किताबी ज्ञान, विकास तो स्कूल में ही
भोपों का बाड़ा निवासी गृहिणी उर्मिला तूनवाल कहती हैं कि बच्चे डेढ़ साल से स्कूल नहीं जा रहे। किताबी ज्ञान तो घर में भी बच्चों को मिल रहा है लेकिन स्कूल में जाने से बच्चे का हर तरह से विकास होता है। अब स्कूल खुलने चाहिएं। घर में रहकर बच्चे चिड़चिड़े होने लगे हैं। पूरे दिन मोबाइल कम्प्यूटर पर रहते हैं। लेकिन बच्चों को वैक्सीन भी लगाई जानी चाहिए।
नवम्बर तक नहीं खुलने चाहिएं
व्यवसायी व समाजसेवी विपिन जैन ने कहा कि स्कूल खोलने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। जब दो साल ही बच्चे स्कूल नहीं गए तो दो महीनों में फर्क नहीं पड़ेगा। पहले केन्द्र सरकार की ओर से बच्चों को वैक्सीनेशन का स्टेटस स्पष्ट हो जाए उसके बाद सिलसिलेवार स्कूल खोलने चाहिएं। वैक्सीन लगने पर कक्षा 9 से 12 वीं की कक्षाएं एक-एक कर खोलनी चाहिएं।
स्कूल में हों यह इंतजाम
-स्कूल गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग।
-स्कूल में मास्क की अतिरिक्त व्यवस्था।
-प्रार्थना सभा व सामूहिक भोजन पर रोक।
-एक दिन में 50 प्रतिशत कक्षाओं में उपस्थिति।
-सर्दी, जुकाम,बुखार से पीडि़त बच्चों का प्रवेश वर्जित।
-किताबों, पाठ्यसामग्री के बच्चों में आदान-प्रदान पर रोक।
इन स्कूलों में पूर्व में हो चुके हैं संक्रमित
-एमपीएस में एकसाथ 7 शिक्षक-शिक्षिकाएं पॉजिटिव आए थे।
-मेयो कॉलेज में कई 20 बच्चे पॉजिटिव आए थे।
-सेन्ट्रल गल्र्स में कुछ बच्चियां व एक शिक्षिका पॉजिटिव आई थी।
Published on:
24 Jul 2021 02:02 am
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