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पिनकॉन ने अजमेर में लगाया 25 करोड़ का चूना, डूबी खून-पसीने की कमाई

पिनकोन स्प्रिट करीब 30 से 40 लाख रुपए प्रतिमाह कलेक्शन पिछले पांच साल से कर रही थी।

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अजमेर

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dilip sharma

Nov 05, 2017

search operation in pincon company

search operation in pincon company ajmer office

दिलीप शर्मा/अजमेर।

अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए थोड़ा सा लालच अजमेर के करीब 250 निवेशकों को महंगा पड़ गया। खून पसीने की कमाई का एक-एक रुपया जमा कर बदले में ज्यादा रकम पाने की चाहत निवेशकों को ले डूबी। अनुमान के मुताबिक अजमेर में निजी फाइनेंस कंपनी पिनकोन स्प्रिट करीब 30 से 40 लाख रुपए प्रतिमाह कलेक्शन पिछले पांच साल से कर रही थी।

इसमें रोजाना जमाएं, सावधि जमाओं व मासिक जमाएं शामिल है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम ने शनिवार कंपनी के इंडिया मोटर सर्किल स्थित सीज किए क्षेत्रीय कार्यालय को खंगाल कर दस्तावेज जब्त किए। एसओजी की प्रारंभिक पड़ताल में अनुमान है कि कंपनी अजमेर के निवेशकों के 25 करोड़ से अधिक हजम कर गई।

शनिवार सुबह पहुंची एसओजी की टीम दो दिन पूर्व सीज किए गए कंपनी के कार्यालय से निवेशकों के लेन देन संबंधी दस्तावेज, रजिस्टर सहित अन्य लिफाफों में बंद दस्तावेजों के पैकेट जब्त कर जयपुर ले गई।

एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवन मीणा ने बताया कि अजमेर से फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। एसओजी की कार्रवाई के दौरान कुछ निवेशक मौके पर पहुंचे। लेकिन वह सामने आने का साहस नहीं कर रहे उन्हें डर है कि उनकी रकम नहीं फंस जाए। कुछ गवाह बनने के डर से पीछे हट गए।

लाइसेंस से विश्वसनीयता दर्शाई

कंपनी ने मैसर्स एल. आर. एन. यूनिवर्स, प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के नाम से रघुजया शेट्टी निदेशक व ब्रांच मैनेजर दीपक कुमार झा पुत्र मनोज, इंडिया हाइट्स बिल्डिंग कचहरी रोड पर लाइसेंस दुकान व वाणिज्य संस्थान का लाइसेंस ले रखा है। इसकी वैधता 31 दिसम्बर 2017 तक है। इसमें एफडी, आरडी, एमआईएस व फाइनेंस कार्य करने का लाइसेंस दिया गया है। प्रमाण पत्र संख्या 10830 इसे 10 सितम्बर 2015 को जारी किया गया है। यह प्रमाण पत्र कार्यालय में विश्वसनीयता दर्शाने के लिए लगा रखा था।

बड़ी शराब कम्पनी

पिनकॉन स्प्रिट पश्चिम बंगाल की बड़ी शराब कारोबारी कम्पनी है। बंगाल में बिकने वाली अधिकांश शराब यही कम्पनी बनाती है। राजस्थान में भी इसने कारोबार की जड़ें जमाने की कोशिश की है। यह कम्पनी राज्य में कई शहरों में जमीन खरीद कर शराब के कारखाने लगानी चाहती है। लेकिन इसके मंसूबों पर एसओजी की कार्रवाई ने फिलहाल पानी फेर दिया है।