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Plantation :बरसात थमने के साथ ही रुक गई पौधों की बिक्री

वन विभाग ने पौने दो लाख से अधिक पौधे किए तैयार, पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण बिक्री पर असर, वन विभाग की ओर से अभी तक 5268 पौधों की बिक्री हो चुकी है, हालांकि वर्तमान में बारिश का दौर थमा हुआ है ऐसे में बरसात फिर से शुरू होने पर इसमें और तेजी आने की उम्मीद है
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अजमेर

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dinesh sharma

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Updated: 15 Jul 2019, 1:51 AM IST

Plantation : Sale of stopped plants with rain stoppage

Plantation :बरसात थमने के साथ ही रुक गई पौधों की बिक्री

मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर).

शहर सहित आस-पास के क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं होने के कारण पौधरोपण करने वालों को अच्छी बारिश का इंतजार है। वन विभाग की ओर से पिछले 15 दिन में अभी तक 5200 के करीब पौधों की बिक्री की है, हालांकि प्राइवेट नर्सरी भी जगह-जगह लग गई हैं।

शहर के चिडिय़ा बावड़ी स्थित वन विभाग की नर्सरी में विभिन्न योजनाओं के तहत एक लाख 85 हजार के करीब पौधे तैयार किए गए हैं। विभाग की ओर से छायादार, फलदार और फूलदार तीनों ही तरह के पौधे तैयार किए गए हैं।

वन विभाग की ओर से एक जुलाई से पौधों की बिक्री शुरू कर दी है। वन विभाग की ओर से अभी तक 5268 पौधों की बिक्री हो चुकी है। हालांकि वर्तमान में बारिश का दौर थमा हुआ है। बारिश का दौर फिर से शुरू होने पर इसमें और तेजी आने की उम्मीद है।

नर्सरी में एक साल के पौधों की कीमत पांच रुपए है। कैम्पा योजना के तहत तैयार पौधों की कीमत 15 रुपए निर्धारित है।

बारिश के साथ शुरू होता है पौधरोपण

क्षेत्र में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही पौधरोपण का कार्य प्रारंभ हो जाता है। इसके तहत पंचायतों, स्कूलों और स्वयंसेवी संगठनों की ओर से सार्वजनिक स्थानों और पार्क आदि में पौधरोपण किया जाता है।

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यह हुए पौधे तैयार और बिक्री

नर्सरी में एक लाख 15 हजार पौधे और 10 हजार बनेवड़ी नर्सरी के पौधे तैयार किए गए हैं। 59 हजार पौधे कैम्पा योजना के तहत तैयार किए हैं।

इसमें से कैंपा योजना केतहत 2062 पौधे, जैव विविधता में 1253 और वन विद्या में 1953 पौधों की बिक्री हुई है।

प्राइवेट नर्सरियों की सजी दुकानें

शहर में अजमेर रोड पर दो-तीन प्राइवेट नर्सरियां लग गई हैं। यहां पर मौलासर, पुष्कर सहित विभिन्न स्थानों को आकर नर्सरियां लगाकर पौधों की बिक्री कर रहे हैं।

इसमें मुख्य बात यह है कि इन नर्सरियों में अधिकांश घरों में उगाए जाने वाले शोपिस पौधों की बिक्री होती है। यहां पर ग्राफ्टेड पौधे भी मिलते हैं। इसके कारण यहां पर भीड़ लगी रहती है, जबकि वन विभाग की नर्सरी में छायादार पौधे सर्वाधिक तैयार किए जाते हैं।