अजमेर. राजस्थान की तीसरी सेमी हाई स्पीड ट्रेन उदयपुर-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 सितम्बर को दोपहर 12.30 बजे वर्चुअल रूप से रिमोट के जरिए दिल्ली से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उदयपुर से शुक्रवार को ट्रेन का ट्रायल किया गया। उदयपुर से सुबह 7.50 बजे रवाना होकर यह ट्रेन 11.35 बजे अजमेर निर्धारित समय से 5 मिनट पहले पहुंची। 11.50 बजे यहां से रवाना होकर दोपहर 1.50 बजे जयपुर पहुंची। उदयपुर में उद्घाटन समारोह में विधि मंत्री अर्जुनलाल मीणा समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
उद्घाटन के दिन यह रहेगा समय
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार 24 सितम्बर को गाडी संख्या 09679, उदयपुर-जयपुर वंदे भारत उद्घाटन स्पेशल रेल सेवा उदयपुर से 12.30 बजे रवाना होकर 19.20 बजे जयपुर पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 09680, जयपुर-उदयपुर वंदे भारत उद्घाटन स्पेशल रेलसेवा जयपुर से 24 सितम्बर को 19.50 बजे रवाना होकर मध्यरात्रि बाद 2.35 बजे उदयपुर पहुंचेगी।इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव
उद्घाटन स्पेशल रेलसेवा मार्ग में मावली, चित्तौड़गढ, भीलवाड़ा, बिजयनगर, अजमेर, किशनगढ, नरैना, फुलेरा व आसलपुर जोबनेर स्टेशनों पर ठहराव करेगी।नियमित सेवा 25 सितम्बर से
जयपुर-उदयपुर-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस नियमित रेलसेवा 25 सितम्बर से संचालित होगी। गाडी संख्या 20979, उदयपुर-जयपुर वंदे भारत सुपरफास्ट 25 सितम्बर से सप्ताह में 06 दिन (मंगलवार को छोड़कर) उदयपुर से 7.50 बजे रवाना होकर 14.05 बजे जयपुर पहुंचेगी। गाडी संख्या 20980, जयपुर-उदयपुर वंदे भारत सुपरफास्ट 25 सितम्बर से सप्ताह में 06 दिन (मंगलवार को छोड़कर) जयपुर से 15.45 बजे रवाना होकर 22.00 बजे उदयपुर पहुंचेगी।यहां रहेगा ठहराव
राणाप्रताप नगर, मावली, चित्तौड़गढ, भीलवाड़ा, बिजयनगर, अजमेर व किशनगढ स्टेशनों पर ठहराव करेगी। वातानुकूलित श्रेणी के 01 एक्जीक्यूटिव एवं 07 कुर्सीयान डिब्बे होंगे।
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परीक्षण के दौरान ट्रेन पहुंची समय से पहले
उदयपुर-जयपुर वंदेभारत ट्रेन उदयपुर से रवाना होकर शुक्रवार सुबह 11.35 बजे पांच मिनट पहले अजमेर पहुंची। इसका निर्धारित समय 11.40 था। इसी प्रकार जयपुर भी यह ट्रेन समय से पहले पहुंची। परीक्षण के दौरान ट्रेन के क्रू केबिन में पायलट व को-पायलट सांवरलाल व विक्रम सिंह रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भी परीक्षण के दौरान केबिन में दिशा-निर्देश देती रही। विद्युत सैक्शन, एसी कंट्रोल पैनल, कोच अटेंडेंट सहित अन्य अतिरिक्त स्टाफ भी परीक्षण के दौरान ट्रेन में रहा।
सूरत व सीरत बदली रेल की, एयर क्रॉफ्ट की अनुभूतिपूर्ण रूप से स्वदेश में तैयार वंदेभारत ट्रेन को देखने के बाद पारंपरिक लकड़ी माईका फर्नीचर से बने सवारी डिब्बे अब हाईटैक हो चुके हैं। अंदर फाइबर शीट का इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक वक्थ्यूम वाले टॉयलेट इसकी खूबी दर्शाते हैं। इंटीरियर हवाई जहाज की तर्ज पर किया गया है।
गति व सुरक्षा का मेल, मेट्रो ट्रेन की तर्ज पर डिस्पले
रेलवे के चीफ डिपो ऑफिसर उदयपुर प्रदीप कुमार ने बताया कि ट्रेन में आग से सुरक्षा के विशेष उपाय किए गए हैं। साथ ही दिव्यांगों के लिए विशेष गेट हैं, जिससे वह व्हील चेयर सहित कोच में आ सकें। गाड़ी की स्पीड, अगला स्टेशन, किमी दूरी आदि का डिस्पले मेट्रो रेल की तरह कोच में उद्घोषणा के साथ किया जाता है, जिससे यात्री को पूर्व में ही आगामी स्टेशन आने का अनुमान हो सकता है।