19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देशभक्ति कविता: शहीद हुए जो आजादी के लिए

देशभक्ति कविता

less than 1 minute read
Google source verification

अजमेर

image

Amit Kakra

Aug 15, 2021

नाम सभी को याह है उनके, पर उनकी सोच धुंधली पड़ रही है,

ना मौत का डर था उन्हें, ना रात के अंधेरों में उनके कदम रुकते थे।

मशाल की जरूरत नहीं थी, दिलों में आग लेकर चलते थे,

नाम सभी को याद है उनकी सोच धुंधली पड़ रही है।

कभी धर्म की बात करी ही नहीं क्योंकि सब एक ही मां की संतान थे,

जिस गोद में पैदा हुए, उसी गोद में सारे आखरी सांसें ले रहे थे।

नाम सभी को याद है उनके, पर उनकी सोच धंधली पड़ रही है,

बलिदान किसी मासूम का नहीं, खुद का कर गए,खुद को कुर्बान कर इस देश को स्वतंत्र करा गए।

नाम सभी को याद है उनके, पर उनकी सोच धुंधली पड़ रही है,इस मिट्टी के हर क्षण का रक्त अभिषेक कर गए।

कुछ ने उन्हें राजनीतिक मुद्दा बनाया तो कुछ के लिए भगवान बन गए,

नाम सभी को याद है उनके पर उनकी सोच धुंधली पड़ रही है।

मोक्ष की परिभाषा अलग है उनकी, हमें सिखाया कभी फिर जन्म नहीं होने के बारे में,

वह बार-बार पैदा होकर इस मां को सेवा करने को मोक्ष कहना कहां से सीख गए।

नाम सभी को याद है उनके पर उनकी सोच धुंधली पड़ रही है।
जय प्रकाश जोशी, लॉ स्टूडेंट