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छात्र यौनशोषण प्रकरण : अब जांच के घेरे में पुलिस अनुसंधान ,अब तक पीडि़त छात्र का नहीं करवाया ये टेस्ट

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अजमेर

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Sonam Ranawat

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Updated: 11 Aug 2018, 8:18 PM IST

police is not taking serious action against boys who assault boy

छात्र यौनशोषण प्रकरण : अब जांच के घेरे में पुलिस अनुसंधान ,अब तक पीडि़त छात्र का नहीं करवाया ये टेस्ट

अजमेर. नाबालिग छात्र से यौनशोषण व रैगिंग मामले में पुलिस अनुसंधान की दिशा-दशा सही नजर नहीं आ रही है। अनुसंधान में रही खामियों का लाभ बचाव पक्ष को मिल सकता है। अनुसंधान में जुटी पुलिस ने जहां पीडि़त का यौनशोषण से संबंधित मेडिकल कराया, वहीं आरोपित पांच छात्रों का डोप टेस्ट कराया गया है, जबकि आरोपितों ने पीडि़त छात्र को मादक पदार्थ व ड्रग दिया था।शहर के नामचीन कॉलेज (स्कूल) में छात्र के साथ यौनशोषण प्रकरण का अनुसंधान कर रही पुलिस लीपापोती में जुटी है।

पुलिस अनुसंधान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पीडि़त छात्र ने जबरन मादक पदार्थ का सेवन कराने की शिकायत दी थी। पुलिस ने पीडि़त का डॉप टेस्ट कराने की बजाए गुरुवार शाम पांच आरोपित छात्रों का जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में डोप टेस्ट (रक्त की रासायनिक जांच) कराया, जबकि पीडि़त ने आरोपितों पर यौनशोषण (कुकर्म) के आरोप लगाए हैं। ऐसे में पुलिस को आरोपितों के पोटेंसी टेस्ट कराने थे, लेकिन पुलिस आरोपित छात्र के स्वास्थ्य परीक्षण के नाम पर डोप टेस्ट कराकर इतिश्री कर ली।

पीडि़त छात्र ने यह लगाए आरोप

पीडि़त छात्र की ओर से मारपीट (आईपीसी ३२३), दुष्कर्म (आईपीसी ३७७), धमकाने (आईपीसी ३८५), शांतिभंग के इरादे से उकसाने (आईपीसी ५०४) और पोक्सो एक्ट (लैंगिक उत्पीडऩ से बच्चों का संरक्षण का अधीनियम २०१२) की धारा ३/४ और ५(जी)/६ में प्रकरण दर्ज कराया। पुलिस ने पीडि़त छात्र के दुष्कर्म संबंधित मेडिकल कराया, लेकिन आरोपित छात्रों का दुष्कर्म संबंधित (पोटेंसी टेस्ट) नहीं कराया। पुलिस ने उनका डोप टेस्ट कराया जबकि पीडि़त ने स्वयं को जबरन मादक पदार्थ पिलाने के आरोप लगाए हैं।

पन्द्रह दिन बाद मेडिकल?

मामले में पीडि़त छात्र के साथ १५ और १६ जुलाई को जबरन कुकर्म का आरोप था। छात्र ने २९ जुलाई को शिकायत दी। पुलिस ने छात्र का पन्द्रह दिन बाद दुष्कर्म से संबंधित मेडिकल कराया। इसमें गुप्तांग में स्टिक (लकड़ी या डंडा) डालने की बात सामने आई है जबकि १५ दिन बाद चिकित्सकों को गुप्तांग पर चोट मिलना मुश्किल है।

आरोपित छात्रों पर ड्रग्स लेने का आरोप था। ऐसे में उनका डोप टेस्ट कराया गया। पीडि़त को जबरन ड्रग्स देने की बात है तो उसका भी डोप टेस्ट किया होगा। नहीं कराया गया है तो मैं दिखवाता हूं। पीडि़त छात्र को प्रकरण में न्याय मिलेगा।

बीजू जॉर्ज जोसफ, पुलिस महानिरीक्षक, अजमेर रेंज