
रामसर मार्ग स्थित नृसिंह गोशाला में बंधी गायें।
नसीराबाद (अजमेर). रामसर के समीप साम्प्रोदा गांव में रविवार रात गोवंश तस्करी की झूठी खबर ने रामसर पुलिस चौकी व प्रशासन की परेड करवा दी। रामसर चौकी प्रभारी गोपालसिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि तस्करी के लिए गायों और बछड़ों को पेड़ों से बांध रखा है और तस्कर कभी भी ट्रकों में भरकर ले जा सकते हैं।
इस पर चौकी प्रभारी मय जाब्ता साम्प्रोदा गांव पहुंचे। इस बीच ग्रामीण भी पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि यह बांधा गया लावारिस गोवंश उनकी फसलों को नष्ट कर रहा था। इसलिए उन्हें पेड़ों से बांधकर उनके लिए चारा डाल दिया गया था ताकि फसलों को नष्ट न कर सके। ग्रामीणों ने बताया कि गोवंश तस्करी का ऐसा कोई मामला नहीं हैं। इस पर चौकी प्रभारी ने उपखण्ड अधिकारी राकेश गुप्ता से बात कर 6 गायों व 10 बछड़ों को रामसर मार्ग स्थित नृसिंह गोशाला के सुपुर्द कर दिया।
गोवंश को अरडक़ा गोशाला लेने को तैयार
नगर में विचरण कर रहे लावारिस गोवंश को यदि छावनी परिषद प्रशासन या अन्य कोई संस्था पकडक़र उन्हें अरडक़ा गोशाला पहुंचाए तो गोशाला उन्हें लेने को तैयार है। अरडक़ा गौशाला से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता मिश्रीलाल जिंदल ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में छावनी परिषद के मुख्य अधिशाषी अधिकारी अरविन्द कुमार नेमा को अवगत कराया। लेकिन नेमा ने कहा कि अरडक़ा गोशाला ही नसीराबाद आकर गोवंश को अपने यहां ले जाने की व्यवस्था करें। जिंदल ने बताया कि छावनी परिषद प्रशासन की ओर से कांजी हाउस में बंद गोवंश की परिषद प्रशासन नीलामी करता है तो कांजी हाउस में बंद गोवंश पशुवधगृह संचालकों के हत्थे चढ़ सकते हैं।
Published on:
06 Jan 2020 11:14 pm
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