20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यह है अजमेर का पॉश इलाका, हाल देखेंगे तो हो जाएंगे शर्मसार

www.patrika.com/rajasthan-news

2 min read
Google source verification
poor road and sever

poor road and sever

अजमेर.

सडक़ों के निर्माण व विकास पर सरकार करोड़ों रुपए खर्च करती है सडक़ किनारे नालियां बनाती हैं ताकि पानी का निकास हो और डामर खराब नहीं हो लेकिन शहर का रामनगर से सिने वल्र्ड की ओर जाने वाले मार्ग में एक आवासीय क्षेत्र ऐसा भी हैं जहां सडक़ निर्माण वर्षों से नहीं हुआ। सडक़ पर मिट्टी के ढेर व गढ्ढे की वजह से 50 फीट चौड़ी सडक़ से 20 फीट की रह गई है। क्षेत्र में लोग इस क्षेत्र से दुपहिया वाहन चालकों का भी चलना दुश्वार हो गया है। बड़े वाहनोंं के पहिए अक्सर मिट्टी में फंस जाते हैं।

आवाजाही में परेशानी

क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बारिश से पहले ही यहां सडक़ों का हाल बुरा है। सडक़ की मरम्मत का काम काफी समय से नहीं हुआ है। बारिश के मौसम में यहां लगातार कीचड़ बना रहता है जिससे राहगीरों को आवाजाही में परेशानी होती है।

लोगों का चलना दुश्वार

लोगों का कहना है कि रामनगर चौराहे से पंचोली चौराहे व उसकेआसपास जाने वाले रास्तों केहाल बेहाल है। कई जगह सडक़ पगडंडी का रूप ले लिया है। पुष्कर रोड, रामनगर, सिने वल्र्ड क्षेत्र में सभी मार्गों में हाल बेहाल हैं। यहां रहने वाले लोगों व दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वाहनों की आवाजाही के चलते लोगों का चलना दुश्वार है।

मुख्य मार्ग ही क्षतिग्रस्त

रामनगर से पुष्कर रोड मार्ग मात्र 10 फीट से 15 फीड चौड़ा रह गया है। शेष भाग में डामर क्षतिग्रस्त हो गया है। मित्तल हॉस्पिटल पेट्रोल पंप के सामने मुख्य मार्ग ही क्षतिग्रस्त है। कंकरीट में वाहन स्लिप होने का खतरा बना रहता है।

सडक़ क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहनों में पंचर हो जाते हैं। कच्ची मिट्टी होने के कारण वाहन स्लिप हो जाते हैं।

संदीप कश्यप

कीचड़ व गंदगी होने से राहगीरों को परेशानी होती है। वाहनों के गुजरने के कारण मिट्टी के गुबार उड़ते हैं जिससे लोगों को परेशानी होती है।

नमन ऐरन

बांडी नदी से सटे रास्ते जो गिल्ट्ज सिनेमा की ओर जाता है वहां पक्की सडक़ का अभाव है। सिर्फ धूल उड़ती है।
मंजु भंडारी लक्ष्मी पैलेस के पीछे गलियों मे डामर उखड़ गया है। पैचवर्क के नाम पर मात्र खानापूर्ति की हुई है।

हिमांशु वर्मा