
अजमेर डिस्कॉम
अजमेर. आमतौर पर छोटी मोटी बिजली चोरी के मामले में अजमेर विद्युत वितरण निगम ajmer discom कनेक्शन काटने, जुर्माना वसूली recovery और गिरफ्तारी arrest के मामले में फूर्ती दिखाता है। लेकिन दो माह पूर्व किशनगढ़ की मैसर्स विनायक ग्रनिटो प्राइवेट लिमिटेड पर पकड़ी गई 3 करोड़ cror 85 लाख 57 हजार रुपए की बिजली चोरी Power theft के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
मामले में राजनीतिक दखल के कारण निगम बैक फुट पर है। बताया जा रहा है कि नागौर के एक विधायक तथा एक निर्दलीय विधायक निगम पर दबाव बना कर कनेक्शन जुड़वाने तथा बिजली चोरी का मामला समझौता समिति के जरिए रफादफा करने के लिए दबाव बना रहे हैं। इसलिए अब तक न तो वसूली हुई और न ही निगम की विद्युत चोरी निरोधक पुलिस ने कोई कार्रवाई की है। कार्यवाही हुई है।
सील टूटी, मीटर में मिला छेद
मार्बल फैक्ट्री पर पकड़ी गई 3.85 करोड़ की बिजली चोरी में मीटर से छेड़छाड़ सामने आई है। मौके पर उपभोक्ता फर्म के परिसर स्थित मीटर बॉक्स की दोनों सीलें टैम्पर्ड पाई गई। मीटर की बॉडी में स्थित पुश बटन के पास एक बारीक छेद पाया गया।
हमने नोटिस दिया है
बिजली चोरी के मामले में निगम के अजमेर वृत के अधीक्षण अभियंता एन.के.भटनागर का कहना है कि उपभोक्ता को जुर्माना राशि जमा करवाने के लिए नोटिस दिया गया है। अभी तक राशि जमा नहीं हुई है इसलिए मामला समझौता समिति में नहीं लिया गया है। कनेक्शन कटा हुआ है, एफआईआर भी दर्ज है।
जुर्माना नहीं भरा तो गिरफ्तारी होगी
इस मामले में निगम की विजिलेंस विंग के एडिशनल एसपी सतनाम सिंह का कहना है कि जुर्माना राशि जमा नहीं हुई तो गिरफ्तारी की जाएगी। कल इस मामले को दिखवाता हूं।
Published on:
22 Dec 2020 09:53 pm

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