
The body of a young man who had quarreled with the house was found han
भूपेन्द्र सिंह
अजमेर. आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग के शहरी क्षेत्र के आवास विहीन परिवारों को स्वयं के आवास निर्माण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) लागू करने में अजमेर जिला बहुत पीछे चल रहा है। शहर में सहभागिता से किफायती आवास घटक (एएचपी) तथा लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण अथवा विस्तार (बीएलसी) के तहत शहर में 3805 आवास स्वीकृत किए गए हैं। लेकिन अब तक एक भी आवास पूर्ण नहीं किया जा सका। 1349 आवास निर्माणाधीन बताए जा रहे हैं, जबकि 2456 आवासों का निर्माण तो शुरु ही नहीं हो सका। नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुंजी लाल मीना ने योजना की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया है। केन्द्र तथा राज्य स्तर पर समीक्षा बैठकों में इसे गंभीरता से लिया गया है।
एएचपी
मुख्यमंत्री जन आवास योजना-2015 के तहत राजकीय भूमि पर निजी विकासकर्ता द्वारा निर्मित की जा रही परियोजना में आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग (पारिवारिक वार्षिक आय 3 लाख तक) के लिए स्वयं के पट्टाशुदा भूखंड पर नवीन आवास निर्माण करने अथवा पूर्व निर्मित आवास में अभिवृद्धि पर 1.50 लाख का अनुदान तीन किस्तों में देय है। इस योजना के तहत 2248 आवास स्वीकृत किए गए लेकिन एक भी आवास का निर्माण पूरा नहीं हुआ। 1272 आवास निर्माणाधीन हैं जबकि 976 आवास का निर्माण शुरु नहीं हो सका।
किशनगढ़ में स्वीकृत 320 में एक भी आवास का निर्माण शुरु नहीं हो सका। इसी तरह पुष्कर में 296, केकड़ी में 400, तथा सरवाड़ में 384 आवासों का निर्माण शुरु नहीं हुआ। योजना के तहत केवल ब्यावर में 848 में से 656 का निर्माण शुरु हुआ है। हालांकि वहां भी 192 का निर्माण अभी शुरु नहीं हो सका।
बीएलसी
आर्थिक दृष्टि से कमजोर आय वर्ग (पारिवारिक वार्षिक आय 3 लाख तक) के लिए नवीन आवास निर्माण अथवा पूर्व में निर्मित आवास में अभिवृद्धि पर 1.50 लाख तक के अनुदान का भुगतान तीन किस्तों में किया जाना है। इस योजना के तहत स्वीकृत 1557 आवास में से एक का भी निर्माण पूरा नहीं हो सका। 77 आवास निर्माणाधीन हैं जबकि 1480 का निर्माण शुरु नहीं हुआ। एडीए को 66 आवास बनाने है ं। 46 का निर्माण जारी है जबकि 20 आवास का निर्माण अभी तक शुरु नहीं हुआ। बिजयनगर में 38 में से 16 आवासों का निर्माण शुरु हुआ है 22 का शुरु नहीं हो सका।
यहां शुरुआत ही नहीं
बीएलसी के तहत ब्यावर में 892 एक भी आवास का निर्माण शुरु नहीं हुआ। इसी तरह केकड़ी में 15, पुष्कर में 296, सरवार में 250 स्वीकृत आवास में से एक का भी निर्माण शुरु नहीं हो सका।
राज्य का यह हाल. . .
योजना के तहत राज्य में निर्धारित 4 लाख आवासों की तुलना में 1.07 लाख आवास केन्द्र सरकार ने स्वीकृत किए हैं। इनमें से 5812 आवास पूर्ण किए गए हैं जबकि 25016 आवास निर्माणाधीन हैं।
कलक्टर ने दिए निर्देश
जिला कलक्टर प्रकाश राजपुरोहित ने एडीए सचिव तथा स्थानीय निकाय विभाग के उपनिदेशक को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के सफल संचालन तथा आवास निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का हाल
अजमेर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अब तक जिले में हजारों आवास विहीन लोगों को आवास उपलब्ध करवाए गए हैं। 21231 आवास स्वीकृत करते हुए 20187 आवास का निर्माण किया गया है। 1189 आवासों का निर्माण शेष है। नवीन सर्वे के अनुसार 6450 में से 4443 आवास स्वीकृत हो गए हैं। पंचायत समिति अजमेर ग्रामीण में 705, अराई में 5322, भिनाय 1711, जवाजा 4056, केकड़ी 1284 , मसूदा 2015, पीसांगन 959, सरवाड़ मं 1936, सावर 1636, श्रीनगर 534, सिलोरा 1073 में परिवार पात्र पाए गए हैं।
Published on:
02 Jan 2022 08:02 pm
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