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मंत्रिमंडल गठन का इंतजार, बदलेंगे सरकारी पैरोकार

सेशन अदालत सहित जिलेभर की अदालतों में कार्यरत हैं सरकारी वकील  

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मंत्रिमंडल गठन का इंतजार, बदलेंगे सरकारी पैरोकार

मंत्रिमंडल गठन का इंतजार, बदलेंगे सरकारी पैरोकार

अजमेर। सूबे में सरकार बदलने और नए मंत्रिमंडल का गठन होने के बाद काफी कुछ बदल जाएगा। इसका असर अदालतों में देखने को मिलेगा। जिले सहित प्रदेश भर की अदालतों में सरकार की ओर से पैरवी के लिए नियुक्त किए गए सरकारी पैरोकारों के चेहरे भी नए नजर आने वाले हैं।

बात करें सेशन अदालत की तो यहां लोक अभियोजक का दायित्व विवेक पाराशर के पास है। वरिष्ठ वकील जसराज जयपाल के ऑफिस से जुड़े पाराशर इससे पहले भी कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लोक अभियोजक रह चुके हैं। पूर्व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा से नजदीकी के चलते उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी। पोक्सो मामलात अदालत में विशिष्ट लोक अभियोजक के तौर पर रूपेंद्र परिहार पैरवी कर रहे हैं। वह कांग्रेस नेता हेमंत भाटी के समर्थक रह चुके हैं। अपर जिला एवं सेशन अदालत संख्या एक में सरकार की पैरवी कर रहे राजेंद्र राठौड़ राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ के रिश्तेदार होने के कारण सरकारी वकील का पद पाने में कामयाब रहे थे। अपर जिला एवं सेशन अदालत संख्या दो में नियुक्त किए गए सरकारी वकील राजेश ईनाणी पूर्व विधायक डा. श्रीगोपाल बाहेती के नजदीकी होने कारण इस पद पर आए। एससीएसटी मामलात अदालत की बात करें तो वहां मंजूर अली के पास सरकारी वकील का पद है। वह कांग्रेस सरकार के पूर्व कार्यकाल में भी इसी कोर्ट में सरकारी वकील रह चुके हैं। महिला उत्पीड़न निवारण मामलात अदालत में अशरफ बुलंद खान भी डा. बाहेती से नजदीकी के चलते सरकारी पैरोकार बने थे।

नई सरकार आने के बाद कांग्रेस राज में नियुक्त सरकारी वकीलों का कार्यकाल नहीं बढ़ेगा। ऐसे में अदालतों में विचाराधीन मामलों में सरकार की ओर से पक्ष रखने के लिए भाजपा विचारधारा के वकीलों की नियुक्ति की जानी जरूरी होगी।