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पुष्कर मेला: आने वाले हजारों पशु-व्यापारियों के लिए इंतजाम की चुनौती!

पुष्कर पशु मेले में हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र से आते हैं खरीदार, पशु मेले को खरीद-फरोख्त तक सीमित करने का पड़ेगा असर

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पुष्कर मेला: आने वाले हजारों पशु-व्यापारियों के लिए इंतजाम की चुनौती!

पुष्कर मेला: आने वाले हजारों पशु-व्यापारियों के लिए इंतजाम की चुनौती!

अजमेर. राज्य सरकार व पशुपालन विभाग की ओर से श्री पुष्कर पशु मेले की स्वीकृति के बावजूद कोविड19 की गाइड लाइन की सख्ती से पालना एवं व्यवस्थाओं के चलते सभी इंतजाम चुनौतियों से कम नहीं हैं। पशुपालन विभाग जहां आर्थिक रूप से कमजोर है वहीं पशुपालकों के लिए इंतजाम को लेकर भी अभी तक दुविधा बनी हुई है। इनमें पानी-बिजली के अलावा रैन बसेरों का इंतजाम भी हैं। उधर, कोविड-19 की गाइड लाइन की सख्ती से पालना करवानी है, सो अलग।

राज्य सरकार की ओर से पुष्कर पशु मेले की इजाजत देने के साथ जिला प्रशासन की ओर से जिन शर्तों पर मेला आयोजन का कार्यक्रम तय किया गया है उसमें आठ दिवसीय मेले को सिर्फ पशुओं की खरीद-फरोख्त तक ही सीमित रखा गया है। गौरतलब है कि 8 नवम्बर से 13 नवम्बर तक पुष्कर पशु मेल आयोजित किया जा रहा है।

यह है परेशानी और दुविधा

-पुष्कर मेले में आने वाले पशुपालक/व्यापारियों की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता रखी गई है। ऐसे में पशुपालक व व्यापारियों की आरटीपीसीआर जांच करने के लिए कौन जिम्मेदारी संभालेगा।

-बिना आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच के आने वाले व्यापारी/पशुपालक वापस कहां जाएंगे?
-जिन पशुपालकों/व्यापारियों ने एक भी वैक्सीन नहीं लगाई है, उन्हें मेले में इजाजत नहीं मिलेगी।

-व्यापारियों/पशुपालकों के लिए सर्दी में रैन बसेरा।
-दड़ा क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था पशुपालन विभाग करता है। उसकी आय के स्त्रोत इस बार कुछ भी नहीं हैं।

-पशु प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं आयोजित नहीं होंगी। मनोरंजन के कोई कार्यक्रम नहीं।

इनका कहना है

पशुपालक/व्यापारी व कार्मिकों को आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता रखी गई है। जिनके पास रिपोर्ट नहीं होगी उन्हें स्वीकृति नहीं मिलेगी। दड़ा क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था पशुपालन विभाग की ओर से की जानी है। खेल प्रतियोगिता, पशुओं की प्रतियोगिता, सांस्कृतिक आयोजन नहीं होंगे, उद्घाटन, झंडे की रस्म, समापन कार्यक्रम नहीं होगा।
प्रफुल्ल माथुर

संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग अजमेर