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Pushkar Mela 2017: पुष्कर में एक टांग पर दौडऩा पड़ा विदेशियों को, सजे-धजे कैमल पर यूं की सवारी

विदेशी पर्यटकों ने एक टांग उठाकर रैतीले धोरो में दौड़ लगाई। ऊंट पालको ने ढ़ोल की थाप पर अपने अपने ऊंट नचवाए।
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अजमेर

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Mahaveer Bhatt

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Updated: 29 Oct 2017, 7:09 PM IST

camel in pushkar mela attraction

camel in pushkar mela attraction

महावीर भट्ट/पुष्कर।

पुष्कर मेला अब परवान चढऩे लगा है। बाजार में जहां हर तरफ मेलार्थियों से रौनक नजर आ रही है, वहीं पशुपालन विभाग की ओर से रविवार से पशुओं की रवानगी को हरी झंडी दे दी गई। मेले के चलते पुष्कर तीर्थ में राजस्थानी संस्कृति की रंग-बिरंगी छटा नजर आ रही है। मेला अधिकारी डॉ. एस. एस. चान्दावत के अनुसार रविवार शाम तक मेला मैदान में 4085 पशुओं की आवक हुई है। इनमें 3903 ऊंट आए हैं। इसके अलावा 119 गोवंश तथा 48 भैंस वंश आए हैं।

धोरो में एक टांग पर दौड़े विदेशी

पुष्कर मेला मैदान में रोजाना आयोजित हो रही मनोरंजक प्रतियोगिताएं देशी व विदेशी पर्यटको का आकर्षण बनती जा रही है। रविवार को रैतीले धोरो मे एक टांग पर विदेशियों की दौड़ एक यादगार क्षण बन गई। 11 खिलाडिय़ो में से 5 विदेशी पर्यटकों ने एक टांग उठाकर रैतीले धोरो में दौड़ लगाई। इसमे एक पर्यटक बीच रास्ते मेे ही औधे मुंह गिर पड़ा काफी प्रयास के बाद आखिरकरी फ्रांस लिया नामक महिला पर्यटक ने आखिरकार तीसरा ईनाम जीत ही लिया। पहले स्थान पर अजमेर की जिया नामक युवती रही तथा दूसरा ईनाम दिल्ली की रितिका को मिला। यह नजारा लंगड़ी टांग प्रतियोगिता में देखने को मिला।

आई विल कम अगेन विथ गुड प्रीपरेशन
मेला मैदान मेें देशी एवं विदेशी पर्यटको के बीच राजस्थान का पारम्परिक सतोलिया खेल खेला गया। इसमें दोनो ओर से -11-11 खिलाडिय़ों ने भाग लिया। देशी खिलाडिय़ो ने मैच जीत लिया लेकिन विदेशी पर्यटक हार कर भी खुश नजर आए। उन्हें दूसरा ईनाम मिला। प्रतियोगिता के बाद पत्रिका से बात करते हुए खिलाड़ी पर्यटक ने कहा कि इट इज गुड फन अगले बार मै पूरी तैयारी के साथ आऊंगा तथा सतोलिया खेलूंगा।दो टांगो पर खड़ा होकर धोरो मेें नाचा ऊंट - अक्सर घोड़ा दो टांगो पर नाचता है लेकिन पुष्कर के मेला मैदान में रविवार की दोपहर रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंट ढोल की थाप पर दो टांगो पर खड़ा होकर कई बार नाच उठा। इस दृश्य को देखकर खचाखच भरे मंच से तालियों की गडगड़़ाहट गूंज उठी।

केमल डान्स का उठाया लुत्फ
प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए 11 ऊंट पालको ने ढ़ोल की थाप पर अपने अपने ऊंट नचवाए। इस दौरान ऊंट दो पैरों पर खड़ा होकर कई बार नाच उठा। तो एक ऊंट घुटनों के बल चलकर आयोजन स्थल पर आया। एक ऊंट ने प्लास्टिक की मचान पर खड़े होकर नृत्य किया। ऊंटो के करतब देखकर दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। दस ऊंटो ने अलग अलग नृत्य किए। इनमें सेवरदा निवासी विजेन्द्र सिंह का ऊंट नाचने में प्रथम स्थान पर रहा। वहीं नागौर के झारोड़ा गांव के प्रभु सिंह का ऊंट दूसरे तथा नागौर के महरासी के अजय का ऊंट तीसरे स्थान पर रहा।

सैलानियों को भाया नखरालो गोरबंद

मेला मैदान मेें रविवार को आयोजित ऊंट श्रंगार प्रतियोगिता मेे एक बार फिर कस्बे के ऊंट श्रृंगारक अशोक टाक का नखरालो गोरबंद नामक ऊंट ने बाजी मार ली। कुल 10 पशुपालक अपने अपने ऊंटो को रंगबिरंगी पोशाको व सजावट के साथ सजा कर लाए। दर्शको के साथ ऊंटो को चलाया गया। इसी क्रम में पिछले कई वर्षो से ऊंट का श्रृंगार करने वाले अशोक टाक ने गुलाब के पुष्पो उछालते आए। इनका ऊँट को पूरी तरह से राजस्थानी परम्परा से सजा हुआ था। अशोक टांक को ऊंट सज्जा के पहला इनाम दिया गया। दूसरे स्थान पर राजूसिंह तथा सेवरदा के विजेन्द्र सिंह तीसरे स्थान पर रहा।

पशुओ की रवानगी शुरू, 80 लाख 70 हजार का कारोबार
पुष्कर के मेला मैदान से पशुओ की रवानगी शुरू हो गई है। इसी के साथ मेला मैदान खाली होने लगा है। रविवार को कुल 397 पशुओ की रवानगी हुई इनसे पशुपालन विभाग को 3395 रूपए की आमद हुई है। इसी प्रकार अब तक मेला मैदान में पशुपालको के बीच 525 पशुओ से 80 लाख 70 हजार 800 रूपयो की खरीदफरोख्त हो पाई है। सबस्रग अधिक कीमत में भांवता गांव के हरनाथने 37 हजार रूपए में भैंसा खरीदा।