
पुष्कर मेले में कैमल सफारी का लुफ्त उठाते विदेशी पर्यटक
पुष्कर। पुष्कर मेला मैदान में शनिवार को पशुपालन विभाग के सयुंक्त निदेशक एवं मेला अधिकारी डॉ सुनील घीया ने मंत्रोच्चार के साथ पूजन करके पुष्कर मेला कार्यालय का शुभारम्भ किया। इसी के साथ ही पुष्कर पशु मेला विभागीय स्तर पर शुरू हो गया है। मेले में आने वाले पशुओं, पशुपालकों के लिए सुविधाएं बढाने के प्रयास शुरू कर दिए गए है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर ) गजेंद्र सिंह , उपखण्ड अधिकारी एवं मेला मजिस्ट्रेट गौरव मित्तल सहित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
वर्ष पर्यन्त सूने पड़े रैतील धोरों में ऊंटों व घोडों , घोडियों का मेला शुरू हो गया है। नए मेला मैदान में सड़क से लगे धोरो में अश्वों के हिनहिनाने की आवाजे गूंजने लगी है। नुकरी, मारवाडी, पदम, पंजाबी किस्म के अश्चों के अस्तबल सजने लगे हैं। वषों से आए रह कालाबड के महंत बाबा बालकदास सहित कईयों ने अपने अपने डेरे जमा लिए है। कोई घोडे को नचा रहा है ताे काेई भाव ताव कर रहा है।
सावित्री पहाडी की तलहटी में धोरों के बीच ऊंटों को बेचने खरीदने आए ऊंट पालकों ने तम्बू गाड दिए है। इनका इलाका ही अलग हो गया है। काफी संख्या में ऊंट मेले में आने शुरू हो गए है। विदेशी पर्यटक धोरों में कैमल सफारी करके पुष्कर मेले को यादगार बना रहे है।
Updated on:
02 Nov 2024 09:00 pm
Published on:
02 Nov 2024 09:00 pm
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