
कोरोना का असर : पुष्कर मेला आयोजन से प्रशासन ने खींचे हाथ,रेतीले धोरों में पसरा सन्नाटा,पर्यटन व्यवसाय ठप
अजमेर/पुष्कर. अंतरराष्ट्रीय स्तर के पुष्कर मेले पर कोरोना का प्रभाव है। मेले में देश-विदेश के पर्यटक व श्रद्धालु आएंगे तो कोरोना फैलने का भय रहेगा। जानकारों की मानें तो अभी कोरोना संक्रमितों की संख्या कम नहीं हुई है। ऐसे में जिला प्रशासन कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहता। पुष्कर मेले में प्रशासनिक इंतजाम नहीं होंगे। मेला मजिस्ट्रेट नियुक्त नहीं होगा और पुष्कर के रेतीले धोरों में पशुओं की रंभाहट सुनने को भी नहीं मिलेगी। मनोरंजन के साधनों पर पाबंदी रहेगी।
दो चरणों में भरता है मेला
खास बात यह है कि इस बार पुष्कर मेले में विदेशी पर्यटकों की आवक लगभग शून्य सी रहने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का पुष्कर मेला दो चरणों में आयोजित होता है। पहले चरण के तहत दीपावली के दूसरे दिन से पशु मेला शुरू हो जाता है जो कार्तिक मास की एकादशी तिथि तक रहता है। एकादशी तिथि को पशुओं की रवानगी हो जाती है। इस पशु मेले में हजारों की संख्या में पशुपालक मेला मैदान में पशुओं की खरीद-फ रोख्त के व्यापार की आस में डेरा जमाए बैठे रहते हैं।
पुष्कर का धार्मिक मेला कार्तिक मास की प्रबोधिनी एकादशी से पूर्णिमा तक की 5 दिनों की अवधि तक लगता है इसमें लाखों की संख्या में दूर-दराज से श्रद्धालु पवित्र पुष्कर सरोवर में आस्था की डुबकी लगाकर पंच तीर्थ में महास्नान करते हैं ।
हवाई यात्रा बंद होने से नहीं आएंगे पर्यटक
पुष्कर मेले में हजारों की संख्या में विदेशी पर्यटकों की आवक भी बनी रहती है, लेकिन इस बार फ्लाइट शुरू नहीं होने से विदेशी पर्यटक भी देखने को नही मिलेंगे। विदेशी पर्यटकों को ठहराने के लिए पुष्कर एवं आसपास के 5 किलोमीटर तक लगाए जाने वाले निजी टेंट लगाने की अनुमति भी नहीं होगी।
केंद्र सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण को लेकर 1 नवंबर से 30 नवंबर तक की नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसके अनुसार किसी प्रकार के सामूहिक सामाजिक, धार्मिक समारोह व आयोजनों पर पूर्णतया पाबंदी लगा दी गई है। केवल विवाह आयोजन में मात्र 100 जनों की उपस्थिति की अनुमति दी गई है। नई गाइडलाइन के प्रावधानों की अक्षरा से पालना करने पर किसी भी हालत में पुष्कर मेला नहीं भर सकता है।
आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव
धार्मिक पुष्कर एवं पशु मेले के दौरान सभी वर्गों को अच्छी आमदनी हो जाती है लेकिन इस बार पुष्कर मेले को लेकर लगी अप्रत्यक्ष पाबंदी ने पुरोहितों,मेलार्थियों, पशुपालकों में निराशा का भाव देखने को मिल रहा है।
पुष्कर के उपखंड अधिकारी दिलीप सिंह राठौड़ के अनुसार कोरोना को लेकर सरकार की ओर से 1 से 30 नवंबर तक की अवधि के लिए जारी नई गाइडलाइन में सभी प्रकार के धार्मिक, सामाजिक एवं अन्य आयोजनों पर पूर्णतया पाबंदी लगा दी गई है। केवल विवाह के दौरान 100 जनों की अनुमति दी जा सकेगी।
Published on:
06 Nov 2020 02:03 am
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