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RAID: अजमेर में बिक रहे बारहसिंगा के सींग और हाथी दांत का पाउडर

वन विभाग की टीम ने केसरगंज और नया बाजार स्थित पंसारी की दुकान पर पहले बोगस ग्राहक भेजा। उसने प्रतिबंध वन्य जीवों की हड्डियां और उनसे निर्मित दवाएं-चूरा खरीदने की इच्छा जताई।

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raid in ajmer

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अजमेर.

वन विभाग की टीम ने शहर में बड़ी कार्रवाई अंजाम दी। टीम ने केसरगंज और नया बाजार में पंसारियों की दुकान पर छापा मारा। विभाग ने प्रतिबंधित वन्य जीवों की हड्डियां, चूरा और अन्य सामग्री बरामद की। टीम ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। इनसे प्रतिबंधित सामग्री मंगवाने संबंधित नेटवर्क को लेकर पूछताछ जारी है।

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के पास देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिबंधित वन्य जीवों की हड्डियों से निर्मित दवाएं और चूरा बिक्री की सूचनाएं पहुंच रही थीं। इनमें अजमेर भी शामिल है। दिल्ली से एंटी पोचिंग ब्रांच के दीपक कुमार ने स्थानीय वन विभाग की टीम से संपर्क किया। इसके बाद स्थानीय टीम ने ऑपरेशन अंजाम दिया गया।

दुकानों पर मारा छापा
वन विभाग की टीम ने केसरगंज और नया बाजार स्थित पंसारी की दुकान पर पहले बोगस ग्राहक भेजा। उसने प्रतिबंध वन्य जीवों की हड्डियां और उनसे निर्मित दवाएं-चूरा खरीदने की इच्छा जताई। इस पर दुकानदार ने उसे माल दिखाकर रेट बताई। इसके बाद टीम ने दुकानों पर धावा बोला। टीम ने चार लोगों को मौके से हिरासत में लिया। इनमें राजकुमार जैन, आयुष अग्रवाल, नरेंद्र और अन्य शामिल हैं।

दुकानों पर मिली यह सामग्री
एसीएफ नरेंद्र शेखावत ने बताया कि वन विभाग की टीम को राजकुमार से बारहसिंगा के तीन सींग, चार इंद्रजाल, बूरादा-कट्टा और अन्य साम्री मिली। इसी तरह आयुश से बारहसिंगा के सींग ,हत्था तोड़ और नरेंद्र कुमार से 16 नग हत्था तोड़, मॉनिटर लिजार्ड, इंद्रजाल सहित अन्य सामग्री बरामद की गई।

बड़ा नेटवर्क-गिरोह लिप्त!
वन्य जीव अधिनियम-1972 के तहत प्रतिबंध वन्य जीवों के शिकार और इनके अंग-प्रत्यंगों के क्रय-विक्रय पर रोक है। लेकिन बारहसिंहा, हिरण, शेर के नाखून, हाथी दांत, जंगली सूअर के दांत और अन्य वस्तुओं की बिक्री चोरी-छिपे जारी है। वन विभाग को व्यापार में किसी बड़े नेटवर्क-गिरोह की लिप्तता की आशंका है।

दो साल पहले पकड़े थे बिच्छू
वन विभाग की टीम ने साल 2019 में दरगाह के आमबाव इलाके में छापा मारा था। यहां बिच्छू बाबा की जड़ी-बूटियों, नगीनों और जीव-जंतुओं की दवा बेचने की दुकान से हजारों मृत बिच्छू पकड़े गए थे। वह दवा बनाकर बेचने का काम कहता था। । जीव-जंतुओं के अवैध क्रय-विक्रय की सूचना मिलने पर कार्रवाई की गई थी। मृत बिच्छू और इनके तेल से निर्मित दवाएं मिली। इस दौरान दो जिंदा बिच्छू भी बरामद किए गए थे।


वन विभाग ने पंसारियों की दुकान पर छापा मारकर प्रतिबंधित सींग और अन्य सामग्री पकड़ी है। चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। विभाग इनके नेटवर्क-गिरोह से लिप्तता और अन्य बिंदुओं पर पूछताछ करेगा। इसके बाद गिरफ्तारी और अन्य कार्रवाई होगी।
नरेंद्र सिंह शेखावत, एसीएफ वन विभाग