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अजमेर.
रेलवे में निजी कर्मचारी नियुक्त करने वाली ठेकेदार एजेंसी ने अपने ही लगभग 10-15 कोच अटेंडेंट का भुगतान डकार लिया। ठेकेदार कोच अटेंडेंट को पिछले छह माह से ट्रेनों में काम करवा रहा था लेकिन भुगतान के नाम पर एक धेला भी नहीं दिया।
थाने में शिकायत दर्ज
खास बात यह है कि ठेकेदार ने इन कोच अटेंडेट को भुगतान के लिए खाते बैंक मे खुलवाए थे लेकिन उनके एटीएम कार्ड कोच अटेंडेंट को नहीं देकर बैंक खाते में वेतन के नाम पर जमा राशि खुद ही निकाल लेता था। फर्जीवाड़े का पता चलने के बाद कर्मचारियों ने श्रम आयुक्त और जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
राशि खातों में आ जाएगी
कोच अटेंडेंट जगदीश पंवार व राकेश जागृत ने बताया कि मई 2018 में ट्रेनों के वातानुकूलित कोच में अटेंडेंट पद पर उन्हें ठेकेदार जय माता दी फर्म पटना ने नियुक्त किया। ठेकेदार ने लगभग 10-15 कोच अटेंडेंट नियुक्त कर उनके बैंक में खाते भी खुलवाए लेकिन एटीएम कार्ड नहीं दिया। उन्होंने बताया कि नियुक्ति के बाद से ही उन्हें भुगतान नहीं मिला। ठेकेदार हमेशा यही बहाना बनाता था कि रेलवे की ओर से राशि जमा नहीं करवाई जा रही है। शीघ्र ही राशि खातों में आ जाएगी।
एटीएम से निकाल ली रकम
पीडि़त कोच अटेंडेंट ने बताया कि छह माह से वेतन नहीं मिलने पर उन्होने बैंक जाकर खातों की डिटेल मांगी। स्टेटमेंट निकलने पर पता चला कि खातों में पैसे तो नियमित रूप से जमा हो रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने वेतन खातों के फार्म में जो फोन नंबर दर्ज कराया था वह उनके नहीं थे। लिहाजा एटीएम से निकलने वाली राशि और बैंक में जमा होने वाली राशि का कोई संदेश उनके मोबाइल फोन पर नहीं आता था।