
Video-इंडियन बैंक का फरार मैनेजर उदयपुर से गिरफ्तार
अजमेर.
कचहरी रोड स्थित इंडियन बैंक शाखा का फरार बैंक मैनेजर को कोतवाली थाना पुलिस ने उदयपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिबुनल(एमसीटी) कोर्ट की छह एफडी के 2 करोड़ रुपए अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करके गबन किया था। उदयपुर पुलिस को भी आरोपी की तलाश है। पुलिस आरोपी से गहनता से पड़ताल में जुटी है।
अनुसंधान अधिकारी व सीओ(दरगाह) गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि सदर कोतवाली थाने में दर्ज 2 करोड़ रुपए के गबन मामले में फरार कचहरी रोड स्थित इंडियन बैंक के पूर्व वरिष्ठ शाखा प्रबंधक सीकर लक्ष्मणगढ चुड़िमिया निवासी संदीप कुमार भारिया को शुक्रवार रात उदयपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 14 सितम्बर तक रिमांड पर लिया है। पुलिस पड़ताल में आया कि संदीप ने गबन की 2 करोड़ की रकम सीकर में अपनी पत्नी, परिवार के सदस्यों और मथुरा में अपने परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर की। इससे पहले आरोपी ने 6 एफडी तोड़कर दो बैंक के अपने पांच खातों में रकम ट्रांसफर की। पुलिस संदीप से गबन की राशि 2 करोड़ रुपए बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
उदयपुर में भी किया गबन
पुलिस पड़ताल में आया कि संदीप कुमार भरिया मथुरा व उदयपुर में भी बैंक की शाखा में पदस्थापित रह चुका है। उसने उदयपुर शाखा में इसी तरह के गबन की वारदात अंजाम दी थी। उसके खिलाफ उदयपुर में भी प्रकरण दर्ज है। खास बात यह कि अजमेर में वारदात के बाद से आरोपी उदयपुर में छीपा हुआ था।
सहकर्मियों की आईडी से गबन
पुलिस पड़ताल में आया कि संदीप सहकर्मियों का विश्वास जीतकर उनकी आईडी को खुली रखवाता है। फिर उसका गलत इस्तेमाल करके गबन की वारदातें अंजाम देता है। उदयपुर शाखा के सीसीटीवी कैमरे फुटेज में उसकी कारगुजारी सामने आ चुकी है। आरोपी ने गबन की राशि मथुरा के अपने कुछ परिचितों के खातों में भी ट्रांसफर की।
यह है मामला
पुलिस के अनुसार इंडियन बैंक के अंचल प्रबंधक(उदयपुर) सुमनकुमार सिन्हा ने मार्च 023 में कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी कि कचहरी रोड शाखा में एक जुलाई 019 से 11 जुलाई 022 तक वरिष्ठ प्रबंधक पद पर संदीप कुमार भारिया थे। शाखा ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल अजमेर के नाम की एक करोड़ 50 लाख 7 हजार 118 रुपए की एफडीआर बनाई थी। गत 2 मार्च को बैंक में एक एफडीआर की रकम प्राप्त करने के लिए मूल प्रति मिली। इसमें 45 लाख 12 हजार 116 रुपए तत्कालीन शाखा प्रबंधक संदीप कुमार ने बिना मूल एफडीआर के 22 जून 2020 को निजी अन्य बैंक के खाते में ट्रांसफर कर लिया। शेष 6 लाख 63 हजार 847 रुपए 2 अगस्त 021 अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। बाकि रकम भी आईसीआईसीआई व बड़ोदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के निजी खाते में ट्रांसफर कर ली। संदीप कुमार ने एक करोड़ 50 लाख 7 हजार 118 रुपए ट्रांसफर किए। जांच में आया संदीप ने बैंक में कार्यरत शैलेन्द्रसिंह, संगीता और राहुल सोनी की आईडी का गलत इस्तेमाल कर रकम अपने खातों में ट्रांसफर की। संदीप कुमार ने बैंक व कर्मचारियों के साथ में धोखाधड़ी की।
Published on:
09 Sept 2023 02:49 pm
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