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डमी अभ्यर्थी को बाड़मेर से किया गिरफ्तार

आरपीएससी : वरिष्ठ अध्यापक संस्कृत (माध्यमिक शिक्षा विभाग) भर्ती-2022, मुख्य अभ्यर्थी को 14 दिसम्बर को पकड़ा  
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अजमेर

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Manish Singh

Dec 25, 2023

डमी अभ्यर्थी को बाड़मेर से किया गिरफ्तार

डमी अभ्यर्थी को बाड़मेर से किया गिरफ्तार

अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग की वरिष्ठ अध्यापक संस्कृत (माध्यमिक शिक्षा विभाग) भर्ती-2022 में अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने वाले डमी अभ्यर्थी को सिविल लाइन थाना पुलिस ने रविवार रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे बाड़मेर चोहटन से दबोचकर अजमेर ले आई। उसने 5 लाख रुपए लेकर अभ्यर्थी रामप्रसाद मीणा के स्थान पर परीक्षा दी थी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर महमूद खान ने बताया कि बाड़मेर चोहटन ईश रोड निवासी हेमेन्द्र पुत्र लालाराम को रविवार रात गिरफ्तार किया गया। वह 5 लाख रुपए लेकर आरपीएससी की वरिष्ठ अध्यापक संस्कृत परीक्षा-2022 में अभ्यर्थी दौसा लालसोट निवासी रामप्रसाद मीणा के स्थान पर परीक्षा देने आया था। आयोग की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आ गया। अभ्यर्थी रामप्रसाद को 14 दिसम्बर को सुनवाई के लिए बुलवाया था। जांच में उसका झूठ पकड़ा गया। आयोग की ओर से सिविल लाइन थाने में प्रकरण दर्ज करवाने के बाद अभ्यर्थी रामप्रसाद मीणा को उसके हवाले कर दिया।

संदेह पर रोका था परिणाम
गौरतलब है कि वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 में संस्कृत विषय के लिए 26 दिसम्बर 2022 व सामान्य ज्ञान विषय के 29 जनवरी 2023 को परीक्षा कराई गई। 23 अगस्त तक विचारित सूची के अभ्यर्थियों की पात्रता जांचने के बाद 1783 अभ्यर्थी को मुख्य सूची में सफल घोषित करने के साथ ही 19 अभ्यर्थियों की अभिस्तावना संदेह के आधार पर रोकते हुए जांच की। फिर मूल अभ्यर्थी को 14 दिसम्बर को प्रकरण में सुनवाई के लिए बुलाया गया। वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।

फोटो बदलकर दी परीक्षा
पडताल में आया कि रामप्रसाद को 26 दिसम्बर 2022 को पहली परीक्षा के लिए राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत स्कूल पुराना चुंगी नाका लालसोट रोड दौसा व 29 जनवरी 2023 को आयोजित दूसरी परीक्षा के लिए संत सुन्दरदास राजकीय महिला कॉलेज गुप्तेश्वर रोड दौसा आवंटित किया। आयोग की विस्तृत जांच में आवेदन-पत्र पर स्कैन और प्रवेश पत्र पर चिपकाए फोटो में फर्जीवाड़ा निकला। ऑनलाइन रिकार्ड की जांच में मूल अभ्यर्थी के स्थान पर डमी अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र की स्कैन फोटो बदलकर परीक्षा देने आया था।