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Ajmer: पूर्व कर्मचारी ने ही बॉस को दी धमकी, रोहित गोदारा गैंग का बताकर मांगे 1 करोड़ रुपए, चोरी के मोबाइल से किया था कॉल

Rajasthan Crime: अजमेर में एक व्यवसायी से गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम पर एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने व्यवसायी के पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चोरी के मोबाइल से वाट्सएप कॉल कर खुद को रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बताकर जान से मारने की धमकी दी थी।
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Ajmer Threaten Case

अजमेर में सेन्ट्रल जेल से युवक को हिरासत में लेती अलवर गेट थाना पुलिस की की फोटो: पत्रिका

Ajmer Death Threat Case Accused Arrested: अजमेर शहर के एक व्यवसायी से गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम पर एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने 1 आरोपी नरेश उर्फ पिंटू रेगर को अजमेर सेंट्रल जेल से गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मामले के मुख्य आरोपी भगवानसिंह रावत को जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने पूरी साजिश पहले से रची थी और चोरी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर व्यवसायी को धमकी दी थी।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले चोरी हुए मोबाइल फोन का इंतजाम किया। इसके बाद उसी मोबाइल से पालरा इंडस्ट्रियल एरिया के व्यवसायी तथा परबतपुरा निवासी जसवंत सिंह तंवर को वाट्सएप कॉल कर खुद को गैंगस्टर रोहित गोदारा का गुर्गा बताया। आरोपियों ने व्यवसायी से एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी और रकम नहीं देने पर गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी। जांच में यह भी सामने आया कि जिस मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया गया था, उसकी चोरी की रिपोर्ट पहले से मांगलियावास थाने में दर्ज है।

जेल से गिरफ्तार हुआ एक आरोपी

मामले की जांच कर रही आदर्शनगर थाना पुलिस ने राजगढ़ हाल परबतपुरा निवासी नरेश उर्फ पिंटू रेगर को अजमेर सेंट्रल जेल से गिरफ्तार किया। इससे पहले पुलिस ने नरेश और उसके साथी भगवानसिंह रावत को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद दोनों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया था। अब पुलिस भगवानसिंह रावत को प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लेकर पूरे घटनाक्रम के संबंध में पूछताछ करेगी।

पूर्व कर्मचारी होने का उठाया फायदा

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि भगवानसिंह रावत पहले व्यवसायी जसवंत सिंह तंवर की फैक्ट्री में काम कर चुका है। फिलहाल वह वेल्डिंग का काम करता है। बताया जा रहा है कि व्यवसाय में घाटा होने के कारण वह आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इसी दौरान उसने अपने साथी नरेश उर्फ पिंटू के साथ मिलकर पूर्व मालिक से रंगदारी वसूलने की योजना बनाई। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपियों का गैंगस्टर रोहित गोदारा या उसकी गैंग से किसी तरह का कोई सीधा संपर्क या संबंध था या नहीं।

बाड़ी घाटी से की थी वाट्सएप कॉल

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पुष्कर के निकट बाड़ी घाटी पहुंचे थे। वहां से उन्होंने चोरी के मोबाइल फोन के जरिए वाट्सएप कॉल कर व्यवसायी को धमकी दी, ताकि उनकी पहचान और लोकेशन आसानी से ट्रेस नहीं हो सके। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।