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पुराने स्टाम्प से फर्जी दस्तावेज बनाने वाला पूर्व पार्षद दामाद और ससुर गिरफ्तार

गिरोह का खुलासा : प्रिंगर प्रिंट ब्यूरो की रिपोर्ट के बाद सिविल लाइन्स थाना पुलिस की कार्रवाई

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अजमेर

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Manish Singh

Jun 22, 2023

पुराने स्टाम्प से फर्जी दस्तावेज बनाने वाला पूर्व पार्षद दामाद और ससुर गिरफ्तार

पुराने स्टाम्प से फर्जी दस्तावेज बनाने वाला पूर्व पार्षद दामाद और ससुर गिरफ्तार

अजमेर. शहर में पुराने स्टाम्प पेपर्स से फर्जी वसीयत बनाकर मृतकों की बेशकीमती जमीनों के बेचान में हेराफेरी का खेल रचने वाले भू-माफिया को सिविल लाइंस थाना पुलिस ने दबोचने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस को कामयाबी फिंगर प्रिंट ब्यूरो की रिपोर्ट के बाद मिली है। तीन साल पुराने मामले में पुलिस ने पूर्व पार्षद व उसके ससुर को बुधवार शाम दबोच लिया। पुलिस को जालसाज गिरोह के अभी कई मोहरे गिरफ्त में आने बाकि है।

थानाप्रभारी दलबीरसिंह फौजदार ने बताया कि फर्जी वसीयत बनाकर जमीन मामले में पूर्व पार्षद खानपुरा रोड सुभाषनगर निवासी रईस अहमद (33) व उसके ससुर खानपुरा निवासी करामत खान (53) को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के खिलाफ वर्ष 2020 में सिविल लाइन्स थाने में धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेजों से 8 बीघा बेशकीमती जमीन खुर्द-बुर्द करने का मामला सामने आया था। पुलिस ने जमीन के बनाए गए फर्जी दस्तावेजों पर लगाई गई अंगूठा निशानी की जांच के लिए 2021 में फिंगर प्रिंट ब्यूरो को दस्तावेज भेजे। इसमें रईस अहमद व उसकी गैंग की कारस्तानी उजागर हुई। इस पर पुलिस ने बुधवार शाम रईस व उसके ससुर करामत को दबोच लिया।

यूं हुआ खुलासा

पुलिस ने जमीन के दस्तावेज को फिंगर प्रिंट ब्यूरो भेजा। साथ में रजिस्ट्रार कार्यालय में अंगूठा निशानी लगाए रजिस्टर को भी जांच के लिए भेज दिया। जांच में अंगुठा निशानी (बायो मैट्रिक) का मिलान नहीं हुआ। पुलिस पड़ताल में आया कि गिरोह ने पुराने स्टाम्प पर मृत लाल मोहम्मद के फर्जी अंगूठा निशानी से 8 बीघा जमीन हड़पने की इबारत लिख डाली।

यह है मामला

परिवादी खिजमत अली व उसकी बहनों ने रिपोर्ट दी कि उनके पिता लाल मोहम्मद की मृत्यु के बाद दौराई में करीब 8 बीघा कृषि भूमि में उनका 1/4-1/4 हिस्सा है। इस पर उनका कब्जा व काश्त है। साल 2020 में उनके सामने आया कि जमीन के कागजात खानपुरा निवासी रईस अहमद के पास है। रईस ने उन्हें बताया कि लाल मोहम्मद ने जमीन उसके ससुर करामत खान को पूर्व में बेच रखी है। रईस ने जो दस्तावेज दिखाए वो नोटेरी पब्लिक भवंरसिंह राठौड़ द्वारा निष्पादित थे। राठौड़ के पास साल 2000 का नोटेरी रजिस्टर देखा तो उसमें 31 दिसम्बर 2000 को उसके पिता स्व. लाल मोहम्मद के फर्जी अंगूठा निशान थे। इसमें गवाह अब्बास अली व आलोक शर्मा के नाम से फर्जी व कूटरचित हस्ताक्षर थे। पूर्व पार्षद रईस अहमद ने कृषि भूमि के खसरे में से 260 वर्गगज भूमि पूर्व में क्रय कर रखी है। उसने लालच में जमीन के फर्जी दस्तावेज ससुर के नाम से तैयार कर षड़यंत्र को अंजाम दिया।