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हिस्ट्रीशीटर धनसिंह ने किया कोर्ट में सरेंडर, पुलिस को नहीं लगी भनक

दो घंटे तक कोर्ट लॉकअप में बंद रहा धनसिंह, जानलेवा हमले व फिरौती के मामले में थी पुलिस को तलाश

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अजमेर

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Manish Singh

Aug 30, 2023

हिस्ट्रीशीटर धनसिंह ने किया कोर्ट में सरेंडर, पुलिस को नहीं लगी भनक

हिस्ट्रीशीटर धनसिंह ने किया कोर्ट में सरेंडर, पुलिस को नहीं लगी भनक

अजमेर. केकड़ी जिले के वांछित कुख्यात अपराधी धनसिंह उर्फ धनु प्रताप सिंह पीपरोली ने मंगलवार सुबह एससी-एसटी कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जिस धनसिंह को स्पेशल टीम सरगर्मी से तलाश रही थी वह दो घंटे तक कोर्ट परिसर में मौजूद रहा। लेकिन इस दौरान ना तो स्पेशल टीम आई ना ही संबंधित थाना पुलिस। आखिर धनसिंह ने स्वयं अपने अधिवक्ता के जरिए न्यायालय में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे पुलिस उप अधीक्षक केकड़ी के प्रार्थना पत्र पर सौंप दिया। केकड़ी सदर थाना पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले गई।

जानलेवा हमले में आत्मसमर्पण
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे सराना थाने के हिस्ट्रीशीटर पीपरोली निवासी धनसिंह उर्फ धनु प्रताप सिंह उर्फ धनसा सेशन कोर्ट स्थित एससी-एसटी कोर्ट पहुंचा। जहां वकील गुरप्रीतसिंह सोढ़ी के जरिए केकड़ी सदर थाने में 17 मार्च को दर्ज जानलेवा हमले के मामले में आत्मसमर्पण किया। इससे पूर्व वह 2 घंटे तक कोर्ट परिसर में बैठा रहा लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी।

कोर्ट लॉकअप में भेजा
आत्मसमर्पण के बाद धनसिंह को कोर्ट के लॉकअप में भेज दिया। उप अधीक्षक केकड़ी संजयसिंह चम्पावत ने कोर्ट में धनसिंह के जानलेवा हमले में वांछित होने का प्रार्थना पत्र पेश किया। जिस पर कोर्ट ने उसे केकड़ी पुलिस को सौंप दिया। पुलिस बुधवार को उसे पुन: कोर्ट में पेश करेगी।

यह था मामला
धनसिंह पर 16-17 मार्च की रात 12 बजे केकड़ी सदर थाना क्षेत्र के मीणों का नया गांव निवासी पर्वतराज मीणा के मकान में दाखिल होकर 6 राउंड फायर करने का आरोप है। पर्वतराज ने रिपोर्ट में अज्ञात बदमाशों द्वारा उसके पिता को बंदूक की नोक पर धमकाते हुए 6 राउंड फायर करना बताया था। रिपोर्ट पर धनसिंह समेत अन्य के खिलाफ जानलेवा हमला व एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। प्रकरण में धनसिंह के साथी अर्जुनसिंह, शिवराज सिंह व लेखराज सिंह पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं।

और भी हैं मामले. . .
धनसिंह ने ब्यावर जिले के बिजयनगर निवासी व्यवसायी विनोद अग्रवाल का भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा से 27 जुलाई को अपहरण कर 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। जिसका मुकदमा गुलाबपुरा थाने में दर्ज है। रकम नहीं देने पर 28 जुलाई को घर के बाहर कार में मौजूद विनोद अग्रवाल पर फायर किए। मामले में धनसिंह के खिलाफ बिजयनगर थाने में नामजद मुकदमा दर्ज है।

10 प्रकरण में जमानत जप्त
धनसिंह के खिलाफ प्रदेशभर में हत्या, डकैती, लूट, अपहरण के 40 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। 18 प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन हैं। 10 प्रकरण में उसकी जमानत जप्त हो चुकी है जबकि केकड़ी सदर थाने में जानलेवा हमला व ब्यावर जिले के विजयनगर थाने में व्यापारी पर फायरिंग व रंगदारी के मामले में वांछित था।

'झूठा फंसा रही है पुलिस'

आत्मसमर्पण करने आए धनसिंह ने कहा कि फायरिंग मामले में उसे राजनीतिक साजिश का शिकार बनाया जा रहा है। पुलिस उसके एन्काउंटर की फिराक में है। बेगुनाही साबित करने के लिए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है।

पत्नी ने जताई थी एनकाउंटर की आशंका

धनसिंह की पत्नी ने भवनेश्वरी उर्फ रिंकू कंवर ने 8 अगस्त को एसपी अजमेर को पत्र लिखर पुलिस की डीएसटी पर उसे व परिजन को धमकाने का आरोप लगाते हुए पति धनसिंह के एनकाउंटर की आशंका जताई थी। उसने पति को गोली मारने के बजाए कानूनी कार्रवाई कर जानमाल की सुरक्षा की मांग की थी।

इनका कहना है...
केकड़ी सदर थाने में दर्ज प्रकरण में धनसिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया था। धनसिंह से प्रकरण में अनुसंधान किया जाना है। चौबीस घंटे बाद अदालत में पेश किया जाएगा।
संजय सिंह चम्पावत, सीओ केकड़ी