
धड़ल्ले से चल रही है अवैध गैस रिफ्लिंग, अधिकारी बोले छुट्टी है सोने दो...
मनीष कुमार सिंह
अजमेर. शहर के पहाड़गंज इलाके में तिपहिया व चौपहिया वाहनों में घरेलू गैस (एलपीजी) रीफिलिंग का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। मामले की सूचना जिला रसद अधिकारी को दी गई तो उनका रवैया चौकाने वाला रहा। उनका कहना था कि छुट्टी है सोने दो...। हालांकि कुछ देर बाद विभागीय निरीक्षक ने सम्पर्क किया, लेकिन उन्होंने भी छुट्टी के दिन टीम गठित करने और फिर घटनास्थल पर भेजने की दुहाई दी। यही रवैया सम्बंधित थाना पुलिस का देखने को मिला। खास बात यह है कि रिहायशी इलाके में एलपीजी की रीफिलिंग करने वाले व्यक्ति के हौसले इस कदर बुलन्द हैं कि उसने पत्रिका टीम को मुंह मांगी कीमत के साथ मंथली व्यवस्था में शामिल करने तक का ऑफर दे डाला।
पहाड़गंज श्मशान के सामने स्थित लकड़ी की टाल की आड़ में सोमवार दोपहर तिपहिया, चौपहिया वाहनों में एलपीजी सिलेंडर से अवैध तरीके से गैस रीफिलिंग का काम चल रहा था। पत्रिका टीम पहुंची तो वीडियो व फोटोग्राफी होता देख टाल संचालक एक पल के लिए सकपकाया, हालांकि दो मशीनों से एलपीजी की रीफिलिंग बदस्तूर जारी रही। वैन व ऑटो रिक्शा चालक आनन-फानन में गैस भरवाकर भाग निकले। इसके बाद टाल संचालक पत्रिका संवाददाता को रोकने व मामले पर पर्दा डालने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए।
बोलो कितना लोगे...आप तो महीने की तारीख बताओ
टाल संचालक ने अवैध रीफिलिंग के कारोबार के लिए संवाददाता को प्रलोभन देने का प्रयास किया। उसने कहा कि तुम्हारा जो बनता है तुम ले जाओ। उसने कथित मीडियाकर्मी का नाम लेते हुए कहा कि उसने कहा था कि उनका ध्यान रखा करो। रसद विभाग को क्या देते हो? सवाल के जवाब में कहा कि प्रेस से क्या छिपा है। आप सब जानते हो मेरी क्या औकात है।
गैस सिलेंडर कौन देते हैं तुम्हे? के जवाब में उसने कहा कि आपको सब पता है। गैस डिलीवरी बॉय सिलेंडर देकर जाते हैं। वो सब छोड़ो। दुनियां में सारे काम होते हैं। सांसी बस्ती में तीन जगह गैस रीफिलिंग हो रही है आप भी अपना हिसाब, नाम बताओ और महीने की तारीख बता दो। आने से पहले फोन कर देना। मैं नहीं रहूं तो छोटे बेटे से लेकर चले जाना। जेब से 500-500 के नोट निकाल आगे बढ़ाए। वीडियो रिकॉर्ड होता देख कहा कि इसे भी रिकॉर्ड कर रहे हो तो आपकी मर्जी। ले लो ना भाई साहब।
टाल में विस्फोट का सामान
पहाड़गंज श्मशान के सामने लकड़ी की टाल के कोने में बनी कोठरी में दो जुगाड़ पम्प के जरिए घरेलू गैस सिलेंडर से रीफिलिंग का काम चल रहा था। इसके अलावा इलेक्ट्रोनिक वैट मशीन के अलावा 10 भरे हुए घरेलू गैस सिलेंडर रखे थे। यहां करीब 140 किग्रा से अधिक एलपीजी मौजूद थी। मामूली चिंगारी रिहायशी इलाके को आग का गोला बनाने में काफी है। गौरतलब है कि 100 किग्रा से ज्यादा गैस स्टोर करने पर विस्फोटक अधीनियम में गोदाम का लाइसेन्स लेना भी अनिवार्य है।
डीएसओ राधेश्याम डेलू से पत्रिका संवाददाता से बातचीत के अंश-
संवाददाता : हेलो, सर नमस्कार।
डीएसओ- हां, नमस्कार।संवाददाता-सर, एलपीजी की अवैध रीफिलिंग चल रही है।
डीएसओ-अरे यार, आज तो छुट्टी है सोने दो। कहां हो रही है।संवाददाता-पहाड़गंज श्मशान के सामने लकड़ी की टाल में।
डीएसओ- कहां है पहाड़गंज, लकड़ी की टाल।संवाददाता- सर, पहले भी पकड़ी जा चुकी है, इंस्पेक्टर को पता है।
डीएसओ- अरे आप किसी इंस्पेक्टर को बोल देते, ठीक है बोलता हूं।संवाददाता : सर, मैने आपको बताना उचित समझा।
डीएसओ : छुट्टी है सब बाहर गए हैं...कल देखेंगे
तीन घंटे बाद तक कोई नहीं पहुंचा
रसद विभाग की लापरवाही का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि सूचना के तीन घंटे बाद तक कोई घटनास्थल नहीं पहुंचा। शाम 7 बजे प्रवर्तन निरीक्षक नीरज जैन ने बताया कि छुट्टी के कारण निरीक्षक सब बाहर गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध गैस रीफिलिंग का कारोबार करने वाले टाल संचालक के खिलाफ पूर्व में पांच बार कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन वह फिर अवैध काम शुरू कर लेता है।
इनका कहना है...
मैं किसी प्रकरण के अनुसंधान में बाहर आया हूं। सूचना पर सिग्मा टीम को भेजा था, लेकिन उन्होंने मौके पर कुछ भी नहीं होने की जानकारी दी।
रेवतराम, चौकी प्रभारी, भगवानगंज
Published on:
04 Oct 2023 01:20 am
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