
मनीष कुमार सिंह
अजमेर. शहर में अंग्रेजी और देशी शराब के ठेकों पर नियमों को दरकिनार कर चखना, पानी के साथ ग्राहकों को अहाता (बैठने) की सुविधा भी दी जा रही है। हालांकि इसकी स्वीकृति प्रदेश के आबकारी नियमों में ठेकों ंके लिए नहीं दी गई है। लेकिन इसके बावजूद ठेकों के अगल-बगल, पीछे रेस्टोरेंट, गिफ्ट शॉप, स्टेशनरी, बिल्डिंग मेटेरियल शॉप की बैनर लगी और चखने की दुकानें खोलकर उन्हें सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराया जा रहा है। पहले ऐसे इंतजाम शहर में कुछेक दुकानों पर ही नजर आते थे, मगर अब तो तकरीबन हर कहीं ऐसे नजारे आम हो चले हैं। ग्राहकों के लिए शराब के ठेकेदार और दुकान संचालकों ने ‘ग्रीन नेट’(पर्दा) तानकर उन्हें छायादार जगह उपलब्ध करा रखी है। रिहायशी इलाकों में हर कहीं ‘बार’ सरीखा माहौल बना हुआ है। बिगड़े इंतजामों की तरफ से आबकारी विभाग(Excise Department) सहित पुलिस ने भी नजरें फेर रखी हैं। राजस्थान पत्रिका टीम ने शहर में देशी-अंग्रेजी शराब के ठेकों के हालात देखे तो ऐसे ही नजारे सामने आए।
थाने के पीछे चल रही सुविधा
केस-1
खाइलैण्ड मार्केट: अंग्रेजी शराब का ठेका। मुख्य बाजार में सदर कोतवाली थाने से चंद कदमों के फासले पर ठेके के पीछे दुकान में ग्रीन नेट(पर्दा) लगाकर बैठने और शराब पीने के इंतजाम हैं।
पानी, चखने के साथ ठीकाना
केस-2
कवंडसपुरा: अंग्रेजी, देशी शराब के ठेके के बगल में एक बड़ा हॉल है। यहां पर अंदर बैठने और पीने की सुविधा है। यहां पर पानी के लिए वाटर कूलर के साथ बैठने की सुविधा भी है।
दुकान कम, बैठक ज्यादा
केस-3
केसरगंज: पदमा डेयरी के सामने स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान। यहां दुकान का काउंटर महज 5-6 फीट में बनाया गया है। काउंटर के पीछे शो केस (दीवार) बनाकर पियक्कड़ों के बैठने व पीने की व्यवस्था है।
स्टेशनरी-गिफ्ट शॉप में ठिया
केस-4
रामगंज: थाने से कुछ दूरी पर तारागढ़ रोड स्थित अंग्रेजी शराब के ठेके के बगल में ‘स्टेशनरी, गिफ्ट शॉप की खाली पड़ी दुकान के सामने ग्रीन नेट(पर्दा) लगाकर अन्दर पियक्कड़ों के बैठकर पीने के इंतजाम हैं।
थाने-चौकी के बीच ठेके पर ठिया
केस-5
अजयनगर: मुख्य मार्ग पर रामगंज थाने, भगवान गंज पुलिस चौकी के बीच स्थित अंग्रेजी शराब का ठेका। शराब के ठेके के अलावा बगल में अलग कमरे में बैठने के बंदोबस्त हैं।
चखने की दुकान में खिड़की-बैठक
केस-6
आशागंज में भगवानगंज पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर अंग्रेजी, देशी शराब की दुकान है। बगल में चखने की दुकान की आड़ में बैठकर पीने की व्यवस्था है। शराब के ठेके की खिड़की रेस्टोरेंट में खुलती है।
क्या है ‘अहाता’ सुविधा
प्रदेश में आबकारी विभाग की ओर से अहाता सुविधा नहीं दी जाती है। हालांकि इसका दूसरा रूप बार लाइसेंस है। बार में ग्राहक को बैठाकर शराब सर्व करने की सुविधा है लेकिन उसकी कीमत देनी होती है। अजमेर में आबकारी अधिकारी और निरीक्षकों की अनदेखी के चलते नियमों का दरकिनार कर अहाता सुविधा धड़ल्ले से स्थानीय स्तर पर विकसित कर ली गई है।
पंजाब-मध्यप्रदेश में है सुविधा
जानकारों के मुताबिक शराब के ठेकों पर अहाता सुविधा पंजाब, मध्यप्रदेश में लागू है। शराब की दुकान के साथ राज्य सरकार ठेकेदार को सशुल्क यह सुविधा मुहैया करवाती है। जहां बैठकर पीने की इजाजत होती है लेकिन प्रदेश में अभी ठेकों से प्रति व्यक्ति निर्धारित मात्रा में शराब खरीदने कर ले जाने की व्यवस्था है।
इनका कहना है...
यदि ऐसा है तो गलत है। आबकारी निरीक्षकों को पाबंद कर कार्रवाई करवाई जाएगी।
अमानुल्ला खान, जिला आबकारी अधिकारी अजमेर
Published on:
29 Aug 2023 05:00 am
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