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Rajasthan Assembly : विधानसभा में गूंजा निजी बसों का मुद्दा

- स्मार्टसिटी की व्यवस्थाओं पर पलीता लगाने में जुटी यातायात पुलिस व परिवहन विभाग - विधानसभा में उठाया मुद्दा, चालान काटने के बाद फिर बसें खड़ी मिलने पर परमिट करें निरस्त

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rajasthan vidhan sabha

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अजमेर. अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने बुधवार को विधानसभा में निजी बस संचालकों की मनमानी और अनाधिकृत स्थानों से बसें संचालित करने से यातायात व्यवस्था बिगडऩे का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि अनाधिकृत स्थानों पर खड़ी होने वाली बसों के एक बार चालान काटने के बाद यदि वो बसें फि र से शहर में खड़ी पाई जाए तो उनके परमिट निरस्त करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाए।
विधायक देवनानी ने कहा कि अजमेर स्मार्ट सिटी बन रहा है, लेकिन अजमेर की यातायात पुलिस व परिवहन विभाग व्यवस्थाओं में पलीता लगाने में जुटा है। शहर में यातायात व्यवस्था बहुत बड़ी समस्या बन गई है, लेकिन यातायात पुलिस व परिवहन विभाग की अनदेखी व ढि़लाई के चलतेे निजी यात्री बस ऑपरेटर 15 से अधिक स्थानों पर अवैध तरीके से 50 से अधिक बसें खड़ी कर बैखोफ संचालन कर रहे है। इससे शहर की यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है। परिवहन विभाग ने निजी यात्री बसों को अजमेर के परमिट जारी किए है लेकिन जिला प्रशासन ने इनके लिए नौसर घाटी के नीचे प्राईवेट बस स्टैण्ड निर्धारित किया हुआ है, किन्तु वहां पर एक-दो बसें ही खड़ी होती है।

यातायात पुलिस व परिवहन विभाग इस मामले में हमेशा एक-दूसरे पर अपनी जिम्मेदारी डाल कर मामला टालने का प्रयास करता रहता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की जिला कलेक्टर को मॉनिटरिंग करने के निर्देश दे तथा दोनों विभागों के समन्वय से निजी बसों के शहर में अनाधिकृत खड़े रहने पर रोक लगाई जाए। साथ ही यातायात पुलिस को पाबंद किया जाए कि शहर में प्रवेश के जो मार्ग है निजी बसों को वही रोक दिया जाए।