
राजस्थान में भाजपा की नई सरकार के गठन की कवायद अब शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री के नाम को लेकर बैठकें, चर्चाओं के दौर तो चल ही रहे हैं लेकिन भावी सरकार में अजमेर को भी मंत्रिमंडल में अच्छा प्रतिनिधित्व मिल सकता है। मंत्री पद की दौड़ में अजमेर से पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी एवं अनिता भदेल का नाम चर्चा में आगे है।
अजमेर जिले की आठ विधानसभा सीटों में से भाजपा ने इस बार 7 सीटें अपने नाम की है। इनमें अजमेर उत्तर से विधायक वासुदेव देवनानी एवं अजमेर दक्षिण से विधायक अनिता भदेल ने लगातार पांचवी बार जीत दर्ज की है। वहीं ब्यावर से विधायक शंकर सिंह रावत ने लगातार चौथी जीत दर्ज की है। पुष्कर से सुरेश रावत ने भी लगातार तीसरी जीत दर्ज की है। केकड़ी से शत्रुघ्न गौतम भी दूसरी बार विधायक चुने गए हैं।
पिछले चुनाव में केकड़ी से राजेन्द्र विनायका को टिकट मिला था लेकिन वे चुनाव हार गए थे। इसी तरह नसीराबाद से रामस्वरूप लांबा भी लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे हैं। मसूदा से वीरेन्द्र सिंह कानावत पहली बार विधायक बने हैं।
रावत और गौतम संसदीय सचिव रह चुके हैं
वर्ष 2013 की भाजपा सरकार में पुष्कर विधायक सुरेश रावत संसदीय सचिव रह चुके हैं। वहीं केकड़ी से विधायक शत्रुघ्न गौतम भी 2013 में भाजपा सरकार में संसदीय सचिव रह चुके हैं। दोनों फिर चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं। ऐसे में इन्हें भी जिम्मेदारी मिल सकती है।
अनुभव के चलते मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
वर्ष 2003 में भाजपा की सरकार में वासुदेव देवनानी शिक्षा राज्यमंत्री रहे थे। इसके बाद वर्ष 2013 में उन्हें शिक्षा मंत्री का स्वतंत्र प्रभार दिया गया। वर्ष 2013 की भाजपा सरकार में अजमेर दक्षिण (अनुसूचित जाति) सीट से विधायक अनिता भदेल महिला एवं बाल विकास मंत्री रह चुकी हैं। अब इस सरकार में दोनों को केबिनेट मंत्री का दर्जा मिल सकता है।
सोशल इंजीनियरिंग में भी माना जा रहा फिट
विधायक देवनानी एवं विधायक भदेल को पार्टी की सोशल इंजीनियरिंग में भी फिट माना जा रहा है। देवनानी सिन्धी वर्ग तो भदेल अनुसूचित जाति से होने व महिला होने के नाते सोशल इंजीनियरिंग की गणित में भी अन्य से आगे हैं।
Published on:
07 Dec 2023 11:51 am
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