
bjp changes trend
अजमेर.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी का कहना है कि राजस्थान में इस बार सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड बदलेगा। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह केंद्र के साथ उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा में पूर्ण बहुमत नहीं मिलने की परम्परा टूटी है, वैसे ही राजस्थान में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी। त्रिवेदी से राजस्थान पत्रिका की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
सवाल : राजस्थान में एक बार भाजपा और एक बार कांग्रेस का इतिहास रहा है?
त्रिवेदी : भाजपा ने तमाम जगह इतिहास बदला है। विश्वास है कि इस बार राजस्थान में भी नया इतिहास लिखा जाएगा। बदलाव की इस तथाकथित परम्परा में बदलाव होगा। राजस्थान सरकार ने तमाम अच्छे कार्य किए हैं। भामाशाह योजना हो चाहे जल स्वावलम्बन। साथ ही मोदी सरकार में भी तमाम अच्छे कार्य हुए हैं जिन्हें लेकर जनता का समर्थन हमें मिलेगा। वर्ष 2014 से पहले यही रहा कि पिछले 30 साल से केंद्र में किसी को भी स्पष्ट बहुमत नहीं मिल रहा था लेकिन हम पूर्ण बहुमत के साथ आए। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा में भी हमारी सरकार स्पष्ट बहुमत के साथ आई। यह सब वो हुआ है जो अब तक नहीं हुआ। ऐसे में पूरा विश्वास है कि राजस्थान में भी इस बार ऐसा होगा जो पहले कभी नहीं हुआ और हम फिर से सत्ता में लौटेंगे।
सवाल : राजस्थान में सत्ता विरोधी लहर से कैसे निपटेंगे?
त्रिवेदी : चुनौतियां कई रहती हैं, लेकिन यह भी देखना होता है कि दूसरी तरफ कौन है। हमारी सरकार ने पूर्व सरकार से कई बेहतर कार्य किए हैं। जहां तक सर्वे की बात है, जिन भी सर्वेक्षणों में हमारी स्थिति खराब दिखाई गई वहां हमारी अच्छी स्थिति रही है। अपवाद स्वरूप 2015 का दिल्ली विधानसभा चुनाव को छोड़ दें तो जितने भी चुनाव पूर्व सर्वेक्षण में भाजपा को जितना आंका जाता है, उससे कई बेहतर परिणाम भाजपा के पक्ष में रहे हैं। सवाल : कितने विधायकों के इस बार टिकट कटेंगे? त्रिवेदी : टिकट के लिए पार्टी की एक स्थापित प्रक्रिया है, उसी के अनुरूप निर्णय किया जाएगा। अभी कोई थम्बरूल नहीं बना है कि किसके टिकट कटेंगे और किस आधार पर टिकट कटेंगे। गुण-दोष के आधार पर ही पार्टी की चुनाव समिति निर्णय लेगी।
सवाल : रफाल सौदे पर कांग्रेस की ओर से बार-बार सवाल उठाए जा रहे हैं?विपक्ष के आरोप निराधार और बकवास हैं। कांग्रेस यह ही तय नहीं कर पा रही कि आखिर उनके आरोप क्या हैं। कभी कीमत को लेकर तो कभी जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी को लेकर मुद्दा बनाया जा रहा है। इस मामले में राहुल गांधी खुद भ्रमित हैं और केवल हवाई किले बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में जनता सब समझती है कि उनकी बातों में कोई दम नहीं है।
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सवाल : कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भाजपा को घेरा जा रहा है?
त्रिवेदी : कांग्रेस राष्ट्रीय मुद्दों पर घेर तो रही है लेकिन खुद अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर घिर रही हैं। पाकिस्तान का पूर्व गृह मंत्री ट्विट करके कहता है कि राहुल गांधी देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। यह अपने आप में कितनी आश्चर्यजनक, दु:खद और विडम्बनापूर्ण बात है। कर्नाटक चुनाव में राहुल गांधी ने कहा था कि मैं प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हूं। अब राजस्थान चुनाव आते ही चिदम्बरम कह करे हैं कि प्रधानमंत्री के लिए हमारा कोई केंडिडेट नहीं है। ऐसे में राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर कांग्रेस की स्थिति काफी निराशाजनक और हताशापूर्ण है।
सवाल : कांग्रेस ने प्रवक्ता के लिए इंटरव्यू लिया, भाजपा में चयन का क्या तरीका है?
त्रिवेदी : हर पार्टी में चयन का तरीका है। कांग्रेस मूलत: एक लीडरबेस और विचारधार रहित पार्टी है। जबकि हमारी विचाराधारायुक्त और काडरबेस पार्टी हैं। हमारे यहां कार्यकर्ता विचारधारा की प्रतिबद्धता और संगठन में किए गए कार्यों के आधार पर आगे बढ़ते हैं। किसी का इंटरव्यू लेकर हमें उसे कॉन्ट्रेक या नौकरी नहीं देनी है बल्कि भावनात्मक प्रतिबद्धता के आधार पर उसे परिवार के रूप में जोडऩा होता है। कांग्रेस एक परिवार आधारित दल है जबकि भाजपा दलांकीय परिवार हैं और संयुक्त परिवार में कभी किसी का इंट्रव्यू नहीं लिया जाता।
Published on:
07 Nov 2018 07:20 am
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