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पिछले साल 80 दिन खाली रहा यह पद, अब बीते 47 दिन, यहाँ नहीं कोई स्थायी अध्यक्ष पढ़ें पूरी खबर

राजस्थान लोक सेवा आयोग : सात महीने में 127 दिन बिताए सरकार ने , गुजरे सात महीने में लगातार यह दूसरा मौका है जबकि आयोग में स्थायी अध्यक्ष नहीं है।

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Rajasthan Public Service Commission

पिछले साल 80 दिन खाली रहा यह पद, अब बीते 47 दिन, यहाँ नहीं कोई स्थायी अध्यक्ष पढ़ें पूरी खबर

अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष पद सरकार के लिए खास नहीं रहा है। गुजरे सात महीने में लगातार यह दूसरा मौका है जबकि आयोग में स्थायी अध्यक्ष नहीं है। पिछले साल 80 दिन यह पद रिक्त रहा। अब 47 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई है।

बीते साल 10 जुलाई को डॉ. ललित. के. पंवार के बाद सरकार ने तत्काल आयोग के सदस्य श्यामसुंदर शर्मा को अध्यक्ष नियुक्त किया था। शर्मा का कार्यकाल 28 सितम्बर 2017 को खत्म हो गया था। इसके बाद 80 दिन तक आयोग में अध्यक्ष पद रिक्त रहा। सरकार ने 17 दिसम्बर को डॉ. राधेश्याम गर्ग को अध्यक्ष नियुक्त किया। जिन्होंने 18 दिसम्बर को कार्यभार संभाला था। कार्यभार सौंपने के आदेश नहीं

आयोग के नियमानुसार अध्यक्ष अथवा सदस्य 62 साल की उम्र तक ही पद पर रह सकते हैं। इस लिहाज से पूर्व अध्यक्ष डॉ. राधेश्याम गर्ग का कार्यकाल 1 मई को पूरा हो गया। सरकार के स्थायी अथवा कार्यवाहक अध्यक्ष की नियुक्ति आदेश नहीं देने पर डॉ. गर्ग पद त्याग (रिलेंक्विश) कर चले गए। इसके बाद 47 दिन बीत चुके हैं। मगर सरकार ने स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति या वरिष्ठ सदस्य को कार्यभार सौंपने के आदेश जारी नहीं किए हैं।

नियमों के भरोसे चला रहा आयोग :
पिछली बार की तरह इस बार भी आयोग नियमों के भरोसे संचालित है। यहां स्थायी या कार्यवाहक अध्यक्ष नहीं होने पर नियमानुसार वरिष्ठतम सदस्य कामकाज संभालते है, ताकि आयोग के नियमित कार्यों में दिक्कतें नहीं हो। साक्षात्कार या अहम परीक्षा चलने की स्थिति में फुल कमीशन की बैठक होती है। कमीशन वरिष्ठतम या उनकी गैर मौजूदगी में अन्य सदस्य को परीक्षा एवं साक्षात्कार बोर्ड तय करने के लिए अधिकृत करता है।

सदस्यों के दो पद रिक्त :

आयोग में मौजूदा समय डॉ. आर. डी. सैनी, के. आर. बागडिय़ा, राजकुमारी गुर्जर, श्याम सिंह राठौड़ और सुरजीतलाल मीणा ही सदस्य हैं। एक पद तत्कालीन सदस्य श्याम सुंदर शर्मा के अध्यक्ष बनने के बाद रिक्त हुआ था। दूसरे सदस्य एच. के. खींचड़ का कार्यकाल बीते वर्ष 5 मार्च को ही खत्म हो चुका है। लिहाजा सरकार को दो सदस्यों की नियुक्ति भी करनी है।

चुनावी वर्ष में मिली हैं भर्तियां :
चुनावी साल में आयोग को 18 हजार से ज्यादा भर्तियां मिली हैं। इनमें आयोग को माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक (माध्यमिक विद्यालय) के 1200, सहायक सांख्यिकी अधिकारी-201 पद पर भर्ती करानी है। इसी तरह आरएएस एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती)-2018 के तहत 75 आरएएस, 34 आरपीएस सहित कुल 405 पदों पर भर्ती होगी। अधीनस्थ सेवा के लिए 575 पदों पर भर्ती की जाएगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी में सहायक अभियंता सिविल के 225, सहायक अभियंता (यांत्रिकी/विद्युत) के 74 पद, सार्वजनिक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) के 307 पद सहित माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक, महिला अधिकारिता विभाग में संरक्षण अधिकारी, राजस्थान तकनीकी प्रशिक्षण अधीनस्थ सेवा नियम-1975 के तहत समूह अनुदेशक/सर्वेयर/सगायक शिक्षुता सलाहकार ग्रुप-द्वितीय और राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती सेवा)-2018 और अन्य भर्तियां करानी हैं।