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तस्करों को पनाह देने वाले 25 हजार का ईनामी गिरफ्तार

सफलता : अजमेर पुलिस को मिली कामयाबी, तीन दिन में दूसरा ईनामी गिरफ्तार, पहले विक्रम अब सुरेश विश्नोई को दबोचा, भीलवाड़ा जिले के दो सिपाही की हत्या के प्रकरण में वांछित  

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अजमेर

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Manish Singh

Jun 09, 2023

तस्करों को पनाह देने वाले 25 हजार का ईनामी गिरफ्तार

तस्करों को पनाह देने वाले 25 हजार का ईनामी गिरफ्तार

अजमेर. भीलवाड़ा जिले के पुलिस के जवानों की गोली मारकर हत्या कर फरार हुए कुख्यात तस्करों को पनाह देने के 25 हजार के ईनामी अपराधी सुरेश विश्नोई को अजमेर पुलिस ने दबोचने में सफलता हासिल की है। अजमेर पुलिस की यह दूसरी बड़ी कामयाबी है। इससे पूर्व तीन दिन पहले विक्रम सारण को दबोचा गया था। प्रकरण में अब तक 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि पुलिस को अब दो आरोपियों की तलाश है।

पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने बताया कि जिला पुलिस की गठित स्पेशल टीम ने लगातार कार्रवाई करते हुई शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर तबीजी के निकट जोधपुर फलौदी खारा निवासी सुरेश विश्नोई(27) को दबोचा। इससे पूर्व 7 जून को जोधपुर लूणी बोरानाड़ा पाल निवासी विक्रम सारण को पकड़ा था। सुरेश विश्नोई ने भीलवाड़ा में 10 अप्रेल 2021 की रात नाकाबंदी में रायला और कोटड़ी थाना पुलिस पर फायरिंग कर भागे तस्करों को पनाह दी थी। शुक्रवार को आईजी अजमेर रेंज को आरोपित सुरेश के जोधपुर से जयपुर जाने की सूचना मिली। सूचना पर मांगलियावास व रामगंज थाना पुलिस ने कार्रवाई करके तबीजी के निकट प्राइवेट बस में सफर कर रहे सुरेश विश्नोई को दबोचा। आरोपितों को भीलवाड़ा पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा।

अब तक 17 गिरफ्तार

गिरोह के सरगना जोधपुर बिलाड़ा निवासी सुनिल डूडी, राजेश उर्फ राजू फौजी विश्नोई समेत गैंग के 17 जने गिरफ्तार हो चुके है। इसमें नैतराम विश्नोई, रामदेम, रामनिवासी, पारस, रामदीन उर्फ विकास उर्फ विक्की जाट, सुनिल राम विश्नोई, महेश जाट, दिनेश विश्नोई, यशवंत उर्फ बंटी भायल, पुष्पेन्द्र गौड़, रमेश विश्नोई, प्रकाश विश्नोई, पाबूराम गोरसिया, विक्रम सारण व सुरेश विश्नोई शामिल है।

यह है घटनाक्रम-नाकाबंदी में गई दो सिपाही की जान

विश्नोई ने बताया कि 10 अप्रेल 2021 को रात साढ़े 10 बजे भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना पुलिस को इत्तला मिली कि नन्दराय की तरफ से दो पिकअप, दो स्कॉर्पियो तेजगति में आ रही है। चारों वाहन में मादक पदार्थ हो सकता है। कोटड़ी थाना पुलिस ने चारभुजा मंदिर पर नाकाबंदी की। तभी काले रंग की स्कॉर्पियो व उसके पीछे पिकअप निकली। उसके पीछे दूसरी स्कॉर्पियो व दूसरी पिकअप दिखाई दी। पुलिस ने वाहनों को आगे पीछे से घेर बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया। वाहन में सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग में सिपाही ओंकार रायका के गोली लगी। जिसने भीलवाड़ा में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। तत्कालीन रेंज आईजी एस. सेंगाथिर, एसपी विकास शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने अजमेर रेंज में नाकाबंदी करवाई गई।

रायला में फिर हुई मुठभेड़

रात 2 बजे रायला थाना पुलिस की टीम ने नाकाबंदी में नजर आई पिकअप व स्कॉर्पियों का पीछा करना शुरू किया। रायला लिरडि़या खेड़ा के पास बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जवाबी फायरिंग हुई की। मुठभेड़ में रायला थाने के सिपाही पवन कुमार के गोली लग गई। जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। बदमाश पिकअप छोड़कर काले रंग की स्कॉर्पियों में फरार हो गए। बदमाशों की तलाश के लिए अजमेर, राजसमन्द, पाली व जोधपुर में नाकाबंदी करवाई गई। एक स्कॉ़र्पियों को पुलिस ने भीम थाना क्षेत्र में डूंगा का खेड़ा में जब्त की। पुलिस ने वारदात में 2 वाहन, 2 पिस्टल, 95 जिन्दा कारतूस, एक राइफल जब्त कर भीलवाड़ा के कोटड़ी व रायला थाने में हत्या, आर्म्स एक्ट व एनडीपीएस एक्ट में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे।

ये थे शामिल

कार्रवाई में मांगलियावास थानाधिकारी सुनील ताड़ा, रामगंज थानाधिकारी सुरजीत ठोलिया, मांगलियावास थाने के सिपाही विरेन्द्र, मुखराम व हेमराज शामिल थे।