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Shamefull: जिन्हें बनना है आरएएस अफसर, उन्हें यू बैठना पड़ रहा धरने पर

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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 18 Aug 2018, 10:27 AM IST

RAS 2016 aspirants

RAS 2016 aspirants

रक्तिम तिवारी/अजमेर।

आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा-2016 में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्तियों का इंतजार है। कायदे से उनका पदस्थापन हो जाना चाहिए था, लेकिन उन्हें आंदोलन करना पड़ रहा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए भावी अफसरों ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के समक्ष धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कलक्ट्रेट तक रैली निकाली और आयोग सचिव को ज्ञापन देकर जल्द नियुक्तियों का आग्रह भी किया।

अभ्यर्थी विजयपाल और अन्य ने बताया कि आरएएस-2016 की प्रारम्भिक और मुख्य परीक्षा कराने के बाद आयोग ने अक्टूबर 2017 में परिणाम घोषित किया था। इसके तहत करीब 725 पदों पर भर्ती होनी है। पहले आयोग स्तर पर कार्मिक विभाग को सूची भेजने में देरी हुई। बाद में आरएएस मुख्य परीक्षा 2016 में राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा प्रतिवादियों की उपस्थिति संबंधित प्रमाण पत्र मांगे, लेकिन आयोग स्तर पर लगातार अदालत से तारीख मांगने से फैसला नहीं हो रहा है।

केस का नहीं हो रहा फैसला
अभ्यर्थियों ने सचिव पी. सी. बेरवाल को बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट में मानसी तिवारी बनाम राजस्थान लोक सेवा आयोग और आबकारी पदों को लेकर जितेंद्र सिंह राठौड़ बनाम राज्य सरकार की याचिका लंबित है। इस मामले में अभ्यर्थियो ने वरिष्ठ अधिवक्ता से विधिक राय ली। इसमें चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर कोई रोक नहीं होने की जानकारी सामने आई है। साथ ही आबकारी विभागीय कोटे से संबंधित केस में भी 2012 के बैकलॉग पदों से जुड़ा मामला बताया गया है। आठ महीने से याचिकाएं लंबित हैं।

जल्द पैरवी करे आयोग

अभ्यर्थियों ने कहा कि जिस तरह सरकार ने रीट और अन्य भर्तियों में हाईकोर्ट में पैरवी की है, वैसे ही आयोग को तत्काल फैसला लेना चाहिए। उन्होंने फिलहाल शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया है। एक सप्ताह में नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हुई तो प्रदेश में रैली निकाली जाएगी। साथ ही अदालत की शरण ली जाएगी।

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