
Womens in Top-20 list, Males are lagging behind
राज्य की सबसे प्रतिष्ठित आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा परीक्षा में महिलाओं की कामयाबी लगातार बढ़ रही है। राजस्थान लोक सेवा आयोग की साल 2016, 2018 और 2021 की टॉपर्स की सूची में महिलाएं पुरुषों को कड़ी टक्कर दे रही हैं। इस बार की परीक्षा में तो टॉप-20 में 11 महिलाओं ने जगह बनाई है।
2016 से हुई शुरुआत
725 पदों की भर्ती के लिए आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2016 के तहत 2 अगस्त से 17 अक्टूबर 2017 तक 1748 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार कराए गए। साक्षात्कार में 1286 पुरुष और 462 महिला अभ्यर्थी शामिल हुई थीं। इस भर्ती में महिलाओं का चयन 37.9 प्रतिशत रहा था। टॉप-20 की सूची में तब महज 5 महिलाएं शामिल थीं।
2018 में मुक्ता थीं टॉपर
आयोग ने 1051 पदों की भर्ती के लिए आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती- 2018 के तहत 22 मार्च से 13 जुलाई 2021 तक 1970 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार कराए। इनमें 1384 पुरुष और 586 महिला अभ्यर्थी शामिल हुई। महिलाओं का चयन बढ़कर 43.5 प्रतिशत तक पहुंच गया था। इस भर्ती में झुंझुनूं की मुक्ता राव ने 526.2 अंक हासिल कर राज्य में टॉप किया था। उनके अलावा शिवाक्षी खांडल, वर्षा शर्मा, मोनिका सामोर, पूनम बीनू देवल, गरिमा शर्मा, निहारिका शर्मा, मालविका त्यागी टॉप-20 सूची में शामिल थीं।
2021 में भी दबदबा कायम
आयोग ने 988 पदों की भर्ती के लिए आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2021 के तहत 10 जुलाई से 17 नवम्बर 2023 तक 2180 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार कराए। इनमें 1480 पुरुष और 700 महिला अभ्यर्थी शामिल हुई। महिलाओं का चयन बढ़कर करीब 47 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
टॉप-20 मेरिट में भी सुधार
महिला अभ्यर्थियों ने आरएएस 2016 और 2018 के बाद 2021 की टॉप मेरिट में भी जबरदस्त सुधार किया है। जहां आरएएस 2016 की भर्ती में टॉप 20 की सूची में महज 5 महिलाएं और 15 पुरुष शामिल थे। आरएएस 2018 की टॉप 20 की सूची में 9 महिलाओं और सूची में पुरुषों की संख्या 11 रही थी। आरएएस 2021 की टॉप-20 सूची में 11 महिलाएं और पुरुष महज 9 रहे हैं। प्रिया बजाज राज्य में दूसरे स्थान पर रही हैं। उनके अलावा किरणपाल, भारती गुप्ता, आकांक्षा दुबे, कंचन चौधरी और निधि उदसरिया ने टॉप-20 में जगह बनाई है।
यह है खास वजह (राज्य में)
8.50 लाख से ज्यादा महिलाएं-बालिका अध्ययनरत
9.64 प्रतिशत है महिलाओं की शैक्षिक दर
7.67 प्रतिशत है पुरुषों की शैक्षिक दर
जागरुकता का परिचायकशैक्षिक उन्नयन से महिला अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में स्थान बना रही हैं। भर्तियों में पुरुष अभ्यर्थियों को कड़ी टक्कर मिलने लगी है। यह महिलाओं की लगन, मेहनत और जागरुकता का परिचायक है।
डॉ. शिवसिंह राठौड़, पूर्व अध्यक्ष, आरपीएससी
Published on:
19 Nov 2023 10:27 am
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