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Remembrance: भारत और अजमेर का गौरव थे पृथ्वीराज चौहान

पृथ्वीराज ने संस्कृति, स्वराष्ट्र, स्वधर्म की रक्षार्थ बलिदान दिया था।

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prithvi raj chauhan

prithvi raj chauhan

अजमेर.

सम्राट पृथ्वीराज चौहान की 854वीं जयंती मनाई गई। लोगों ने घरों में पुष्पांजलि अर्पित की। पूर्व सांसद औंकार सिंह लखावत ने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता को बनाए रखने के लिए जीवन न्यौछावर कर दिया। वे विभिन्न विधाओं एवं कलाओं के मर्मज्ञ, शस्त्र व शास्त्र के ज्ञाता थे।इतिहासकार डॉ. नवल उपाध्याय ने कहा कि 11वर्ष की उम्र में उन्होंने शस्त्रों व शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त किया था। पृथ्वीराज शब्दभेदी बाण चलाने में दक्ष और योद्धा थे। मात्र 26 वर्ष की आयु में पृथ्वीराज ने संस्कृति, स्वराष्ट्र, स्वधर्म की रक्षार्थ बलिदान दिया था।

प्रश्नोत्तरी परिणाम

समारोह समिति व भारतीय इतिहास संकलन ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान को जानो प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किया। प्रथम स्थान जयकिशन गुरबानी, उर्मिला राव, द्वितीय स्थान डॉ राजकुमारी जैन, अनुज शर्मा, तृतीय स्थान दीपक वरदानी, जानकीदास रांकावत, सांत्वना पुरस्कार पृथ्वीराज राठौड़, हर्षा गुप्ता, सज्जन रावत, मोहम्मद मुनीश रहे। विजेताओं को कार्यक्रम आयोजित कर पुरस्कार व प्रमाणपत्र दिए जाएंगे।

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किचन वर्क के साथ ऑनलाइन लेक्चर में व्यस्तता

अजमेर. कोरोना लॉक डाउन से भारत और पूरी दुनिया भले ही जूझ रही है लेकिन ये वक्त कई मायनों में हमें काफी सीख दे रहा है। पुरानी स्मृतियों को टटोलने और नवाचार अपनाने का यही बेहतरीन मौका है। लॉक डाउन में ऑनलाइन क्लास रूम टीचिंग का नया अनुभव सीखने को मिल रहा है। पत्रिका लॉकडाउन डायरीज में कोचिंग संस्थानों के निदेशकों ने यूं विचार साझा किए।

योग और व्यायाम से शुरुआत

बंसल क्लासेज की निदेशक आरती बंसल इन दिनों सुबह की शुरुआत योग और हल्के व्यायाम से कर रही हैं। घर ही उनका वॉक वे बन चुका है। इसमें उनके चिकित्सक पति डॉ धीरज अग्रवाल भी शामिल होते हैं। दोनों टेबल टेनिस भी खेलते हैं। कोचिंग संस्थान बन्द होने से आरती की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है।

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