अजमेर. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री ने बोतल से आरक्षण का जिन्न निकाला है। ओबीसी का आरक्षण 22 से 27 करने की बात कही लेकिन ओबीसी कमीशन आज तक पूरा नहीं बना सके। साढ़े तीन माह बाद आचार संहिता लग जाएगी। मुख्यमंत्री जनता को बताएं कि कैसे बोर्ड पूरा बनेगा और कैसे ओबीसी आरक्षण बढ़ेगा। वे सिर्फ चुनावी पैंतरेबाजी कर रहे हैं ।अजमेर में सोमवार को राजपूत छात्रावास में महाराणा प्रताप जयंती समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ओबीसी आरक्षण में वृद्धि के साथ एसटीएससी का आरक्षण जनसंख्या के अनुपात में बढ़ाने की बात कही। संविधान में आर्टिकल 340 में ओबीसी कमीशन बनाने का अधिकार राजस्थान को है। लेकिन आज तक पूरा कमीशन नहीं बना पाई सरकार। सिर्फ जस्टिस भंवरू खां को अध्यक्ष बनाकर बैठाया है। कमीशन की एक भी अनुशंसा नहीं हुई ना बैठक हुई। अब कैसे आरक्षण बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री जानते हैं कि अब ओबीसी समाज कांग्रेस के खिलाफ खड़ा हो गया है। इसलिए उन्होंने यह घोषणा की।
पहली बार सचिवालय ने नोट उगले, सोना उगला
राठौड़ ने भ्रष्टाचार के सवाल पर तंज कसते हुए कहा कि राजस्थान में पहली बार डीआईटी विभाग में भ्रष्टाचार के तांडव को देखा। पहली बार सचिवालय ने नोट उगले, सोना उगला। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल के कार्यकाल में 25 हजार करोड़ के काम हुए हैं, इस विभाग में कितना भ्रष्टाचार हुआ होगा, इसकी जांच होनी चाहिए, कई बड़े चेहरे सामने आएंगे।
मंत्री लगा रहे कमीशनखोरी का आरोप
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस सरकार के मंत्री कमीशनखोरी के आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस सरकार के मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा की बात सामने आ गई जिसमें वे कह रहे हैं कि कहीं 40 प्रतिशत से ज्यादा कमीशन मिल रहा है कहीं अधिक। गुढ़ा ने तो यूडीएच मिनिस्टर पर 4 हजार करोड़ का आरोप लगाया।