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डिजिटल गिरदावरी: नेट की रेंज आने पर स्वत:हो जाएगा ऑनलाइन में अपलोड
- डिजिटल क्रॉप सर्वे में अब इंटर नेट बाधा नहीं
- 4.5 करोड़ खसरे में होनी है गिरदावरी
अजमेर. राजस्व मंडल की ओर से करवाई जा रही डिजिटल गिरदावरी को और अपग्रेड किया जाएगा। इसके बाद दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट के सिग्नल नहीं आने की समस्या नहीं रहेगी। एक नया सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इसमें मौके पर नेट सिग्नल नहीं होने पर ऑफ लाइन डिजिटल सर्वे किया जा सकेगा। जैसे ही संबंधित कार्मिक या मोबाइल नेट की रेंज में आएगा, सर्वे का डाटा व फोटो ऑनलाइन अपडेट हो जाएंगे। आगामी सितम्बर माह में खरीफ की गिरदावरी से पहले इसे अपग्रेड कर लिया जाएगा। इससे गिरदावरी का सही अनुमान होने के साथ डाटा मिलान या अन्य समस्याएं नहीं रहेंगी।
अब शत प्रतिशत लक्ष्य का अनुमान
गत वर्ष लक्ष्य के मुकाबले 30 से 35 प्रतिशत ही डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जा सका था। इसकी वजह डाटा मिलान, राजस्व नक्शों का अभाव रहता था जिससे गिरदावरी के लक्ष्य आधे भी नहीं हो सके। दूरस्थ क्षेत्रों में टावर की कमी या नेट की उपलब्ध नहीं होना भी सबसे अधिक समस्या थी। हाल ही में जायद की फसल के सर्वे की समीक्षा के दौरान यह समस्याएं सामने आईं।
अपग्रेडिंग के बाद नहीं रहेगी समस्या
अतिरिक्त निबंधक हेमंत स्वरूप माथुर ने बताया कि 15 सितम्बर से खरीफ का सर्वे शुरू होगा। इससे पहले डिजिटल एप को अपग्रेड कर लिया जाएगा। जिससे नेटर्किंग की समस्या नहीं आएगी व शत प्रतिशत सर्वे की ओर भी आगे बढ़ेंगे। गत वर्ष 30 से 35 प्रतिशत सर्वे डिजिटली हुआ था। इस बार शत प्रतिशत गिरदावरी (डीसीएस) का लक्ष्य रखा है।
आंकड़ों की जुबानी
4.5 करोड़ - प्रदेश में खसरे
90 लाख से अधिक - गत वर्ष रबी की डिजिटल गिरदावरी (डीसीएस)
3.5 करोड़ खसरे में गत वर्ष नहीं हो सकी डीएससी
423 - तहसीलें ऑन लाइन
3 - ऑफ लाइन
50 हजार राजस्व ग्राम
48 हजार गांव में प्रावईवेट खसरे
Published on:
29 May 2025 11:56 pm
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