25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रेवन्यू बोर्ड में रेवन्यू का खेल: सरकार ने राजस्व मंडल की सरकारी वकील को हटाया

दो माह बाद मिली राजस्व मंडल को डाक से सूचना उप राजकीय अधिवक्ता ने बेंच आवंटन के मांगे अधिकार

2 min read
Google source verification
court news:

court news:

अजमेर. राजस्व मंडल घूसकांड की एफआईआर में नाम आने के बाद नैतिकता के आधार पर सरकारी मुकदमों की पैरवी से पीछे हटाने वाली राजस्व मंडल की अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता पूनम माथुर को राज्य सरकार ने पद से हटा दिया है। मामले में खास यह है कि माथुर ने 15 अप्रेल को माथुर ने मुकदमों की पैरवी से इनकार करते हुए पत्र लिखा था। जबकि राजस्व विभाग के संयुक्त शासन सचिव एम.पी.मीना ने अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता माथुर को 14 अप्रेल को ही राजस्व मंडल के राजकीय अधिवक्ता के पद से हटा दिया था लेकिन दो माह बाद भी इसकी जानकारी राजस्व मंडल तक नहीं पहुंची। हाल ही यह पत्र राजस्व मंडल को डाक से मिला है। वहीं उपराजकीय अधिवक्ता ओम प्रकाश भट्ट ने मंडल निबन्धक तथा अतिरिक्त निबन्धक को वरिष्ठ उपराजकीय अधिवक्ता को बेंच आंवटित करने के लिए अधिकृत करने के लिए पत्र लिखा है। मंडल में पांच उप राजकीय अभिभाषक हैं जो सरकारी मुकदमों की पैरवी करते हैं। राजकीय तथा अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता के पद रिक्त हैं।

15 जून को पुन: कार्य करने का पत्र दिया

15 जून 2021 को पूनम माथुर ने राजस्व मंडल निबन्धक को पुन: कार्य करने का पत्र लिख दिया। माथुर के अनुसार राजस्व मंडल से सम्बन्धित तथाकथित घूसकांड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सम्बन्धित आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। उपरोक्त परिस्थितियों में मैं अपने पद के समस्त न्यायायिक एवं प्रशासनिक उत्तरदायित्वों प्रारंभ कर रही हूं।

देरी के लिए चल रही है पड़ताल

अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता को राजस्व विभाग द्वारा हटाए जाने और इसकी जानकारी दो माह भी राजस्व मंडल तक नहीं पहुंचे की पड़ताल शुरु हो गई। राजस्व मंडल निबन्धक ने इसकी जानकारी चाही है।

राजकीय अधिवक्ता ही आवंटित करते हैं बेंच

अतिरिक्त तथा उपराजकीय अधिवक्ताओं को राजकीय अधिवक्ता मुकदमों की सुनवाई के लिए बेंच अलॉट करते है। राजकीय अधिवक्ता की अनुपस्थिति में उपराजकीय अधिक्ता बेंच आवंटित करते है। वर्तमान में राजकीय अधिवक्ता का पद रिक्त है जबकि अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता को सरकार ने तीन माह पूर्व ही हटा दिया है। अब अतिरिक्त निबन्ध (न्याय) ही उपराजकीय अधिवक्ताओं को बेंचों का आवंटन कर रहे है।

read more: 13 जिलों के साथ ही 292 तहसीलें अब ऑनलाइन