18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अजमेर में कमाल का है यह सर्किल, दिखता है सिर्फ जमीन के अन्दर

www.patrika.com/rajastjhan-news

2 min read
Google source verification
छह माह पूर्व हुए करार के बावजूद यहां एक ईँट भी नहीं लग सकी है।

road circle work

अजमेर/गगवाना.

घोषणाओं व उद्घाटन के सिलसिले तो कई माह पहले ही शुरू हो गए कुछ में काम भी शुरू हुए लेकिन महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय स्थित कायड़ चौराहे को विकसित करने के लिए छह माह पूर्व हुए करार के बावजूद यहां एक ईँट भी नहीं लग सकी है।

यहां तक करीब तीन माह पूर्व 14 अगस्त को संसदीय सचिव व पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत ने इसका उद्घाटन भी विधिवत कर दिया। चौराहे को भव्य रूप देने के लिए जिंक लिमिटेड ने सामाजिक सरोकार मद के तहत 25 लाख रुपए खर्च करने की घोषणा की थी।

अनापत्ति से अटकी बात सार्वजनिक निर्माण विभाग से संबंधित नेशनल हाइवे ऑथेरिटी के अधीक्षण अभियंता पानी खंड, संजय माथुर ने जुलाई माह में एक पत्र देकर इसमें अनापत्ति जारी नहीं होने का हवाला दिया गया है। कायड़ चौराहा यातायात व पुष्कर किशनगढ़ -जयपुर बाइपास की दृष्टिगत महत्वपूर्ण व व्यस्त चौराहा है।

यहां जयपुर किशनगढ़ से पुष्कर मेड़ता, नागौर बीकानेर जाने वाले भारी वाहन जो पुष्कर घाटी नहीं जाना चाहते, यहां से गुजरते हैं। इसके साथ यहां विश्वविद्यालय में आने जाने वाले विद्यार्थी, स्टाफ तथा कायड़ मार्ग पर बसी आवासीय कॉलोनी, सस्वती नगर, परशुराम कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, में सैकड़ों मकान हैं।

इसके साथ जनाना, लोहागल, कुचील, रूपनगढ़,लाडपुरा, गगवाना, चांदियावास तथा पंचायत समिति श्रीनगर के गांव अरडक़ा, बबायचा, नरवर, चाचियावास जाने वाले लोगों की आवाजाही, दुपहिया वाहन, ट्रैक्टर आदि का आवागमन रहता है। यहां चौराहे के अभाव में चौड़ी सडक़ में चारों ओर से आने वाले वाहन आए दिन टकरा जाते हैं। कई बार यहां बड़े हादसे भी होते होते बचे हैं।

डेढ़ माह से नहीं मिला मर्ज, अब रेलवे की निकली लाइन

पुष्कर रोड स्थित मित्तल हॉस्पिटल के सामने सडक़ खुदी हुई है लेकिन इसका इलाज कई विभाग मिल कर भी नहीं कर पा रहे हैं। नौ सितम्बर 2018 को यह सडक़ धंस गई थी और यहां विशाल गड्ढा हो गया। बाद में यहां निगम, सिंचाई, एडीए, जलदाय व सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी पहुंचे।

कई दिनों की मशक्कत के बाद सभी विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालने लगे। अंत में खुदाई के बाद पता चला कि यहां पुष्कर से आ रही पानी की लाइन है जो रेलवे की है। रेलवे विभाग इस संबंध में कार्रवाई करेगा इसके बाद ही अन्य विभाग सडक़ मरम्मत कर सकेंगे। जांच में पाया गया कि पुष्कर से रेलवे की पुरानी लाइन आ रही है जिसके पानी की लीकेज की वजह से सडक़ धंस रही है। इस संबंध में एडीए सचिव हेमंत माथुर ने पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियता को लिखित में सूचना दे दी है।