
misbehave with passenger in roadways bus
ब्यावर।
रोडवेज के चालकों और परिचालकों की मनमर्जी लगातार बढ़ती जा रही है। वे यात्रियों के साथ अभद्रता और मारपीट से भी नहीं चूक रहे। ऐसा एक वाकिया ब्यावर में हुआ।
जयपुर से ब्यावर आ रही एक युवती को स्टैंड होने के बावजूद नहीं उतारे जाने पर युवती ने परिचालक के खिलाफ रोडवेज प्रबंधन को शिकायत दी है। युवती ने परिचालक पर अभद्रता का आरोप भी लगाया है। रोडवेज प्रबंधन इस मामले की जांच करा रहा है।
ब्यावर निवासी एक युवती जयपुर में पढ़ाई करती है। वह जयपुर से आबूरोड डिपो की बस से ब्यावर पहुंची। युवती ने बताया कि उसने दादीधाम के निकट गायत्री नगर के बाहर बस को रोके जाने के लिए कहा, लेकिन परिचालक घनश्याम ने चालक को बस रोके जाने के लिए मना कर दिया। युवती ने कहा कि रोजाना बस यहीं रुकती है।
यहां पर रोडवेज ने स्टैंड बना रखा है। युवती का आरोप है कि उसने आग्रह किया कि उसे वापस इतनी दूर आना पड़ेगा। इसके बावजूद परिचालक ने बस नहीं रोकी। इस दौरान बस ब्यावर स्टैंड पहुंच गई। यहां युवती ने परिचालक की लिखित में शिकायत पूछताछ केन्द्र पर रखे रजिस्टर में दर्ज की। पूछताछ केन्द्र पर बैठे कर्मचारी ने भी बस को रोके जाने की बात कही तो परिचालक कर्मचारी से ही उलझ गया।
दोनों के बीच बहस होने से वहां लोग जमा हो गए। वहां मौजूद परिचालकों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। रोडवेज प्रबंधन युवती की दी शिकायत की जांच करा रहा है।
मनमानी करते हैं रोडवेज कर्मी
तमाम सख्ती और निर्देशों के बावजूद रोडवेज के चालक और परिचालक रूट पर मनमानियों से बाज नहीं आ रहे। रोडवेज ड्राइवर अपनी मर्जी से रूट पर ढाबों, होटलों पर बसें रोकते हैं। ढाबे, होटल, रेस्टोरेंट पर उनका कथित तौर पर कमीशन तय होता है।
वे खुद खाना के बहाने बसें रोकते हैं। जबकि रोडवेज के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष ने किसी भी बस के अनाधिकृत रूप से होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट पर रुकने पर पाबंदी लगाई है। बसों में शिकायत पुस्तिका नहीं होती। हेल्पलाइन और टोल फ्री नम्बर पर कोई शिकायत करने चाहे तो फोन नहीं उठाए जाते हैं।
Published on:
21 Nov 2017 04:18 pm
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