
rpsc grievance court
रक्तिम तिवारी/अजमेर.
अदालत में बढ़ते केस और आवेदन संबंधित त्रुटियां कम करने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग ने प्री.लिटिगेशन कमेटी का गठन किया है। अभ्यर्थी की विभिन्न शिकायतों पर कमेटी सुनवाई कर उनका निस्तारण करेगी।
आयोग आरएएस और अधीनस्थ सेवाओं सहित कॉलेज, स्कूल व्याख्याता, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और अन्य विभागों की भर्ती परीक्षाएं करता है। प्रत्येक भर्ती परीक्षा से पहले आयोग विज्ञापन जारी कर ऑनलाइन आवेदन मांगता है।कई अभ्यर्थी फार्म में नाम/पिता-माता का नाम, आयु, पता, पेपर के नाम और कोड, विषय/वर्ग गलत भर देते हैं। कई मामलों में उनकी शैक्षिक डिग्री और सर्टिफिकेट फर्जी अथवा मान्यतापूर्ण संस्थान की नहीं मिलती है।
कई शैक्षिक दस्तावेज भी अधूरे लगाते हैं। इन बिन्दुओं के आधार आयोग को आवेदन निरस्त करने पड़ते हैं। कई अभ्यर्थी इनको लेकर न्यायालय में याचिकाएं लगाते हैं। इससे आयोग और अभ्यर्थी का समय खराब होता है। लिहाजा आयोग ने प्री.लिटिगेशन कमेटी (हेल्प डेस्क) लगाने का फैसला किया। इसको लेकर पत्रिका ने 7 फरवरी को खबर भी प्रकाशित की थी।
यूं काम करेगी कमेटी
सचिव के. के. शर्मा ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदनों में नाम/माता-पिता का नाम, आयु/पता, वर्ग/विषय परिवर्तन जैसी त्रुटियां रहती हैं। अभ्यर्थी ऐसी परिवेदना/शिकायतों को प्रि-लिटिगेशन को भेज सकेंगे। विभिन्न परीक्षाओं के लिए आवेदन कर वाले अभ्यर्थी व्यक्तिगत रूप से आयोग के संयुक्त सचिव अथवा डाक से राजस्थान लोक सेवा आयोग को परिवेदना/अभ्यावेदन दे सकेंगे। अभ्यर्थियों को फोन अथवा ई-मेल सूचना भेजकर दस्तावेजों के साथ आयोग बुलाया जाएगा।
कम होंगे कोर्ट केस
आवेदन में त्रुटियां अथवा अन्य कारणों से आवेदन निरस्त करने पड़ते हैं। ऐसे में अभ्यर्थी सेशन कोर्ट, हाईकोर्ट में याचिकाएं दर्ज कराते हैं। प्रि-लिटिगेशनक कमेटी में शिकायतों की सुनवाई और निस्तारण से कोर्ट केस कम हो सकेंगे।
Published on:
07 Apr 2019 08:44 am
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