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Sanskrit : संस्कृत राष्ट्र की आधारशिला

संस्कृत भारती आवासीय भाषा बोधन एवं प्रबोधन वर्ग

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Sanskrit : संस्कृत राष्ट्र की आधारशिला

Sanskrit : संस्कृत राष्ट्र की आधारशिला

अजमेर.

लघु उद्योग भारती महानगर अध्यक्ष अजीत अग्रवाल ने कहा कि संस्कृत राष्ट्र की आधारशिला है, बिना आधार के किसी भी राष्ट्र के गौरव की कल्पना नहीं की जा सकती। वे संस्कृत भारती के तत्वावधान में भगवानगंज स्थित शहीद अविनाश माहेश्वरी आदर्श विद्या निकेतन में आयोजित सात दिवसीय आवासीय संस्कृत भाषा बोधन एवं प्रबोधन वर्ग समारोप सत्र में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि वेद, उपनिषद, पुराण, गीता, रामायण, महाभारत, आरण्यक आदि सभी शास्त्रों में संस्कृत के ज्ञान का अथाह भंडार विद्यमान है। कॉलेज शिक्षा के पूर्व सहायक निदेशक अरुण कुमार अरोड़ा ने कहा कि नासा में कार्य कर रहे वैज्ञानिक आज संस्कृत के माध्यम से ही वैश्विक स्तर पर नित नई उपलब्धियों को प्राप्त कर रहे हैं। संस्कृत को वैज्ञानिक भाषा के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया गया है।

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संस्कृत भारती के क्षेत्रीय संयोजक तग सिंह राजपुरोहित ने बताया कि संस्कृत भारती के प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से केवल 20 घंटों में संस्कृत को संभाषण के रूप से सीखा जा सकता है। संस्कृत भारती चित्तौड़ प्रांत के मंत्री राजेंद्र कुमार शर्मा ने भाषा बोध वर्ग का वृत्त प्रस्तुत किया।

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उत्तराखंड से आए अनिल भट्ट, उड़ीसा से आई लिप्ती रेखा, विदुषी, सुमित आदि ने संस्कृत में अनुभव कथन प्रस्तुत किए। संस्कृत के गीत मधुराष्टकम् की धुन पर रश्मिता ने कथक की प्रस्तुति दी। संस्कृत नाटक से जल व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। संस्कृत भारती चित्तौड़ प्रांत अध्यक्ष कृष्ण कुमार गौड़ ने कहा कि संस्कृत देवताओं की भाषा है, जिसे बोलने का सौभाग्य केवल मनुष्य प्रजाति को प्राप्त हुआ है।

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संचालन प्रांत शिक्षण प्रमुख मधुसूदन शर्मा ने किया। सावित्री वेद विद्यापीठ के आचार्य, अजमेर महानगर संयोजक हिम्मत सिंह चौहान, शिविर संयोजक भूपेन्द्र सिंह चौहान, भीलवाड़ा विभाग संयोजक परमेश्वर प्रसाद कुमावत, शाहपुरा जिला संयोजक भगवान लाल गोस्वामी, शुभम दाधीच, मेवालाल, शिवराज, सुधांशु, ओमप्रकाश, आशुतोष गौतम, अनिरुद्ध सिंह, मीठालाल माली, देवीलाल प्रजापत, रानू, अंजू जांगिड़, सरिता राठौड़, बबली आदि मौजूद थे।

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