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पुष्कर।
राज्य के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ ने कहा कि ट्रांसफर करना सरकार का विशेषाधिकार है। डाक्टरों को पूछ कर तबादले नहीं किए जाएंगे। उन्होंने चिकित्सकों की ओर से अपनाई जा रही
हड़ताली प्रवृत्ति से निपटने के लिए सख्त रुख जाहिर किया है। हाल ही में तबादलों को लेकर डाक्टरों की ओर से किए जा रहे दो घंटे पैन डाउन विरोध पर उन्होंने कहा कि ब्लैकमेलिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ एक निजी समारोह में हिस्सा लेने पुष्कर आए थे। राजस्थान पत्रिका से बातचीत में उन्होंने कहा कि पिछली हड़ताल के बाद किए गए समझौते के अधिकांश बिन्दुओं पर क्रियान्विति शुरू कर दी गई है, लेकिन तबादले नहीं करने की बात पर यदि चिकित्सक हड़ताल करेंगे तो अब सख्ती से निपटा जाएगा। हड़ताल करने वाले चिकित्सकों की तनख्वाह काटी जाएगी तथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाही होगी।
कई चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाए नहींचिकित्सा मंत्री सर्राफ ने माना कि राज्य के कई चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 17 हजार चिकित्सालय हैं। रोजाना ढाई लाख का आउटडोर तथा 15 हजार का इंडोर है। जानकारी मिलते ही सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
चिकित्सकों की कमी के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी चिकित्सक को जबरदस्ती पकड़कर नौकरी पर नहीं लगाया जा सकता है। पहले 252 वेटिंग लिस्ट को नियुक्ति पत्र जारी किए, लेकिन कोई नहीं आया। अब पुन: रिक्तपदों के लिए भर्ती का काम शुरू किया जाएगा। प्रदेश में शिशु मृत्यु दर घटकर 43 से 41 हो गई है तथा 2020 तक यह 28 तक ले आएंगे।
पुष्कर चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ ने पुष्कर चिकित्सालय में अनियमितताओं को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से तथ्यात्मक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
सर्राफ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के. के. सोनी से पुष्कर चिकित्सालय पर चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों के समय पर ड्यूटी पर नहीं आने, चिकित्सा भत्ता उठाकर क्वार्टर में फीस के साथ प्रेक्टिस करने के साथ साथ ही नर्सिंग स्टाफ की मनमर्जी से ड्यूटी की अदला-बदली करने को लेकर पत्रिका में प्रकाशित समाचारों को गंभीरता से लिया। उन्होंने सीएमएचओ सोनी को बुलाकर चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की तथा औचक निरीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
वित्तीय अनियमितताओं पर जांचचिकित्सालय में प्रेक्टिस नहीं करने के बदले भत्ता लेकर फीस के साथ प्रेक्टिस करने को लेकर अब वित्तीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। सीएमएचओ डॉ. के. के. सोनी ने बताया कि एनपीए लेकर फीस के साथ क्वार्टर में रोगियों को देखने की प्रथमदृष्टया जांच की जा चुकी है। अब वित्तीय जांच कराई जा रही है। अनियमितताओं को लेकर रिकवरी के साथ-साथ दोषियों को चार्जशीट दी जाएगी।
Published on:
03 Dec 2017 05:36 pm
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