24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खाली पड़ी हैं Institutes में सीट, आप ले सकते हैं इनमें एडमिशन

www.patrika.com/rajasthan-news

2 min read
Google source verification
admission process

admission process

अजमेर.

तकनीकी और उच्च शिक्षण संस्थानों में सीट खाली पड़ी हैं। सितम्बर की शुरुआत तक भी कम दाखिले हुए हैं। इसके चलते संस्थानों को रिक्त सीट पर आवेदन मांगने पड़े हैं।

राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य राजकुमार ने बताया कि एनसीवीटी योजनान्तर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स मेकेनिक, इन्फॉरमेशन कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी सिस्टम मेंटेनेन्स, इंटीरियर डेकोरेशन डिजाइन, बेसिक कॉस्मोटोलोजी, फैशन डिजाइन टेक्नोलॉजी, स्विंइग टेक्नोलॉजी, कम्प्यूटर ऑपरेटर एन्ड प्रोग्रामिंग, असिस्टेंट व्यवसाय में प्रवेश के लिए प्रथम और द्वितीय सीट आवंटन हो चुका है।

इनके बाद रिक्त सीट पर प्रवेश पोर्टल के माध्यम से सीधे संस्थान में प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। अभ्यर्थियों ने आवेदन मय दस्तावेजों की फोटो प्रति के साथ जमा कराए हैं। 14 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की महिलाओं ने भी आवेदन किए हैं।

विश्वविद्यालय में रिक्त सीट पर प्रवेश जारी
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के शैक्षिक विभागों में रिक्त सीट पर प्रवेश जारी है। कुलसचिव अनिता चौधरी के अनुसार मास्टर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन लेट्रल एन्ट्री, योगा इंस्ट्रक्टर सर्टिफिकेट कोर्स और बीएससी नेच्यूरोपेथी एन्ड यौगिक साइंस पाठ्यक्रम में सीट खाली है। प्रवेश फार्म 15 सितम्बर तक जमा कराए जा सकेंगे। साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन 17 सितम्बर को होंगे। विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट से विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।

जो रहते बुरों के प्रति अच्छे, वही होते हैं मन से सुंदर

अजमेर. अच्छों के साथ अच्छे एवं बुरे लोगो के प्रति भी अच्छे रहने वाले क्षमावान होते हैं। यह बात कलापूर्ण सूरि आराधना भवन में निर्मोह सुन्दर ने पर्यूषण पर्व पर प्रवचन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में सिर्फ महावीर भगवान ही नहीं हुए। उनसे पूर्व पाŸवनाथ, नेमिनाथ, आदिनाथ सहित 23 तीर्थंकर हुए हैं। वेद पुराण इत्यादि में भी आदिनाथ का जिक्र है। कुछ लोग बुरे के साथ तो बुरे होते हैं मगर अच्छों के साथ भी बुरे हो जाते हैं। यह लोग सड़ी हुई मानसिकता के स्वामी होते हैं। कुछ लोग बुरे के साथ बुरे और अच्छे के साथ अच्छे होते हैं। यह सौदाबाजी की मानसिकता होती है।