
patel stadium
अजमेर.
स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर जिला पुलिस अलर्ट पर है। पुलिस ने यहां संदिग्धों की धरपकड़ के लिए मंगलवार होटल, सराय में तलाशी अभियान चलाया। वहीं अजमेर जिले व शहर में आने वाले मुख्य मार्गो पर विशेष गश्त व निगरानी व्यवस्था लागू की गई।
एसपी राजेश सिंह ने बताया कि बुधवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जाने के लिए जिले में विशेष पुलिस व्यवस्था की गई है। जहां अजमेर शहर में पटेल स्टेडियम को सुरक्षा घेरे में लिया है। शहर में थाना पुलिस के अलावा अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया।
वहीं ब्यावर, किशनगढ़ और नसीराबाद में पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात है। जिला स्तरीय समारोह बुधवार को पटेल मैदान में होगा। इसको लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों और उत्कृष्ट सेवाएं देने वालों को सम्मान प्रदान किया जाएगा।
तिरंगे को दी गई थी तोपों की सलामी
15 अगस्त 1947 क ो जब देश आजाद हुआ था तब न तो टेलीविजन थे न इंटरनेट न अन्य प्रचार के साधन। उस दौर के समाचार केवल समाचार पत्रों व रेडियो से ही दी जाती थी। आजादी के 70 वी वर्षगांठ पर पत्रिका से जुड़े व पुरा महत्व की वस्तुओं को संजो कर रखने वाले भारतीय जीवन बीमा निगम के अधिकारी रहे बी. एल. सामरा ने भारत की आजादी के समारोह की रोचक पहलुओं की जानकारी दी।
हम बात कर रहे हैं 15 अगस्त 1951 की। अजमेर-मेरवाड़ा पृथक राज्य था। इसके पांच वर्ष बाद 1956 में अजमेर का राजस्थान में विलय हुआ। वर्तमान राजस्थान का एकीकरण इसी के साथ संपन्न हुआ। अजमेर में 1967 में राज्य स्तरीय स्वाधीनता दिवस मनाया गया था। मुख्य समारोह पटेल मैदान में सुबह 9 बजे हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य आयुक्त ने की। चीफ कमिश्नर या मुख्य आयुक्त ने सलामी मंच पर पहुंचने के बाद परेड ने अपने शस्त्र उठाकर सलामी दी।
इसके बाद ध्वजारोहण किया गया। राष्ट्रगीत को भी सैन्य अंदाज में सलामी दी गई। कमिश्नर ने परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान तीन तापों की सलामी राष्ट्रीय ध्वज को दी गई। -
Published on:
15 Aug 2018, 7:48 AM IST
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