अजमेर. देश के नामचीन स्कूलों मे शुमार अजमेर के शिक्षण संस्थान (कॉलेज) के छात्रावास में नाबालिग छात्र से हुए कथित यौनशोषण के मामले में बनाए गए नए जांच अधिकारी गजेन्द्र सिंह ने शनिवार से फिर से जांच शुरू कर दी है। अब तक मामले में लिए गए बयानों की पुष्टि नए सिरे से की जाएगी वहीं जिस स्थान पर घटना होना बताया गया है वहां भी मौका-मुआयना करेंगे। इसके साथ ही संबंधित पक्षों सहित शिक्षण संस्थान के जिम्मेदारों व छात्रावास प्रभारी तथा सुरक्षा अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
पुलिस जांच के बाद कार्रवाई!
जानकारों की मानें तो शिक्षण संस्था नियमों के मुताबिक अनुशासनहीनता या अन्य किसी विषम परिस्थिति में पुलिस जांच रिपोर्ट आने के बाद ही शिक्षण संस्था प्रबंधन छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगा। पुलिस के पास अनुसंधान के लिए 90 दिन का समय है। इसी कारण अनुसंधान रिपोर्ट पेश करने के लिए फिलहाल पुलिस भी कोई जल्दबाजी करना नहीं चाहती। मामला हाइप्रोफाइल लोगों से जुड़ा होने के कारण पुलिस भी जांच में खासी एहतियात बरत रही है।
प्रबंधन ने साधी चुप्पी
दूसरी ओर शिक्षण संस्था के प्रबंधन ने मामला मीडिया में आने के बाद सख्त रवैया अपना लिया है। प्रबंधन की ओर से इस संबंध में फिलहाल कोई बयान जारी नहीं किया है। विद्यार्थियों व स्टाफ को किसी प्रकार की सार्वजनिक बयानबाजी करने से परहेज करने को कहा है। विद्यार्थियों ने भी चुप्पी साध रखी है। कॉलेज में प्रवेश करने वाले की पड़ताल की जा रही है। पहचान व कॉलेज में आने का उद्देश्य का पता लगने के बाद ही शिक्षण संस्था के परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है।
शुक्रवार देर रात ही पत्रावली मिली है। शनिवार से मामले में जांच शुरू कर अब तक किए गए अनुसंधान की समीक्षा की है। जरूरत पडऩे पर पत्रावली पर उपलब्ध बयानों की पुष्टि भी क्रॉस चैक कर कराई जाएगी। – गजेन्द्र सिंह पुलिस, उपअधीक्षक (वृत्त उत्तर) एवं अनुसंधान अधिकारी