18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शरद पूर्णिमा उत्सव पर खीर का भोग अर्पित कर के मंदिरों में सजाई झांकी

कस्बे में रविवार को शरद पूर्णिमा उत्सव विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। सर्व पुजारी समाज के मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि सत्यनारायण मंदिर में भगवान के विग्रह को श्वेत परिधान में शृंगारित किया गया। मध्य रात में खीर का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया।

3 min read
Google source verification
photo_6206031750933623277_x.jpg

सरवाड़. कस्बे में रविवार को शरद पूर्णिमा उत्सव विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। सर्व पुजारी समाज के मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि सत्यनारायण मंदिर में भगवान के विग्रह को श्वेत परिधान में शृंगारित किया गया। मध्य रात में खीर का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया।

इसी तरह सीताराम मंदिर, गोपाल मन्दिर,चारभुजा नाथ मंदिर, लक्ष्मी नारयण मंदिर, जगत शिरोमणी मंदिर, रघुनाथ मंदिर व गोपीनाथ मंदिर आदि में शरद पूर्णिमा के मौके पर खीर का भोग अर्पित किया गया। भगवान मथुराधीश मंदिर व सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर में भी शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया गया।

मथुराधीश मंदिर समिति के सचिव सुरेशचंद टेलर के अनुसार उत्सव के दौरान ठाकुरजी के चल विग्रह को खुली छत पर चांदनी की रोशनी में विचरण कराया गया एवं वहीं पर रास मंडल सजाकर कीर्तन किया गया। आरती के बाद खीर का प्रसाद वितरित किया गया। यहां सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर में भी उत्सव के तहत रात्रि में भगवान गोपाल व राधिकाजी के युगल विग्रह का आकर्षक शृंगार कर सुगंधित इत्र व फूलों से उन्हें सजाया गया। ठाकुरजी को श्वेत पोशाक धारण कराई गई। रात्रि में खीर का भोग अर्पित किया गया। आरती के बाद सभी को खीर-पूड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में देवीसिंह महता, पुजारी घनश्याम बैरागी, सुरेन्द्र सिंह महता, पंकज बैरागी आदि शामिल हुए।

अखिल भारतीय श्रीनिम्बार्काचार्य पीठ सहित उपखण्ड क्षेत्र में शरद पूर्णिमा महोत्सव सनातन परम्परानुसार मनाया। आचार्य पीठ में जगदगुरु श्रीजी के सान्निध्य में दमा दमन शिविर संपन्न हुआ इसमें सैकडों लोगों को गोमाता के दूध से विशाल रजतपात्र में बनी खीर को मिट्टी के पात्र में डालकर दवा का सेवन कराया।

इस अवसर पर गायकों ने सुगम व शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। मन्दिर में भगवान राधा-माधव के युगल अविचल श्रीविग्रह की श्वेत वस्त्राभूषणों से नख-शिख पर्यन्त शृंगार कर झांकी सजाई। कस्बे के पुष्टिमार्गीय सम्प्रदाय के हवेली मन्दिर में शरद पूर्णिमा पर हवेली संगीत की प्रस्तुति दी। भगवान गोकुलचन्द्रमा के युगल चल विग्रह सहित अन्य विग्रह को धवल झांकी में विराजमान किया।

मन्दिर श्रीरामजीद्वारा में द्वारिकाधीश व रघुनाथजी की झांकी सजी तथा आरती पुजारी गिरधरगोपाल पारीक ने की। कस्बे के सांवलाजी, लक्ष्मीनारायण, रघुनाथ मन्दिर सहित विभिन्न देवालयों में शरदपूर्णिमा महोत्सव मनाया। नगर के रामधन सरोवर पर दादू सम्प्रदाय के आचार्य गोपालदास के सान्निध्य में महन्त बक्षीराम ने वाणीजी की आरती की तथा खीर के साथ श्वास रोगियों को दवा दी। इस अवसर पर भजन कीर्तन के कार्यक्रम हुए।

कृष्ण और ग्वालों ने लूटा माखन-मिश्री
सांपला में शरद पूर्णिमा महोत्सव के दौरान 3 दिनों तक चलने वाले धार्मिक कार्यक्रमों के अंतर्गत रविवार सुबह राम चौक पर ग्वालों व सखियों के बीच माखन मिश्री लूटने की परंपरा निभाई गई। कृष्ण की बाल रूप में झांकी सजाई तथा भोग लगाया गया। इस दौरान रतनलाल पीपलवा, ओमप्रकाश खाती ,गजानन थरोदा, नरेंद्र गर्ग ,महावीर जांगिड़ आदि ने भजनों की प्रस्तुति दी। मंदिर के महंत ओम प्रकाश शर्मा पुजारी हरक चंद शर्मा ने बताया कि इस दौरान रात्रि में शरद पूर्णिमा पर बनी खीर का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया।

भगवान महावराह का पंचामृत से किया महामस्तकाभिषेक
विश्व विख्यात वराह मन्दिर में शरद पूर्णिमा पर भगवान महावराह के 49 वें महामस्तकाभिषेक पर रविवार को पंचामृत से महामस्तकाभिषेक किया गया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान मोहन लाल कुमावत निमिवाल निवासी शान्ति पुरा अजमेर सपत्नीक रहे। इस मौके पर महावीर उपाध्याय एण्ड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुति दी। पुजारियों ने भगवान महा वराह का अभिषेक किया। कार्यक्रम के मुख्य आचार्य पं. सुरेन्द्र पाठक, मनोज श्रोत्रिय . राम सहाय, धर्मेन्द्र गौतम , अतुल शुक्ल सहित अन्य पुरोहितों ने संगीतमय रुद्री पाठ किया। महामस्तकाभिषेक में रामनरेश विजय केकड़ी द्वारा इत्र सुगन्धी से अभिषेक करवाया। कार्यक्रम के अन्त में महाआरती की गई। 50वां महामस्ताभिषेक कार्तिक सुदी पूर्णिमा को महावीर प्रसाद उपाध्याय करवाएंगे।