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छोटे दुकानदारों को भी त्योहारी सीजन से बड़ी आस

- ब्रांडेड प्रोडक्ट का खुदरा ग्राहकी पर पड़ता है असर आने वाले त्योहारी सीजन में छोटे व मझोले दुकानदारों को भी अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है। फेस्टिव सीजन के दौरान हर कहीं बिक्री में वृदि्ध होती है। किराना सामग्री की बिक्री बढ़ जाती है। जबकि, साथ ही शॉपिंग मॉल व नामी कंपनियों के शोरूम खुलने से गली-मोहल्ले में दुकानदारों का व्यापार करीब 40 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है।

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अजमेर

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Dilip Sharma

Sep 30, 2023

छोटे दुकानदारों को भी त्योहारी सीजन से बड़ी आस

छोटे दुकानदारों को भी त्योहारी सीजन से बड़ी आस

अजमेर. आने वाले त्योहारी सीजन में छोटे व मझोले दुकानदारों को भी अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है। फेस्टिव सीजन के दौरान हर कहीं बिक्री में वृदि्ध होती है। किराना सामग्री की बिक्री बढ़ जाती है। जबकि, साथ ही शॉपिंग मॉल व नामी कंपनियों के शोरूम खुलने से गली-मोहल्ले में दुकानदारों का व्यापार करीब 40 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है। लेकिन इसके बावजूद त्योहारी सीजन में आगामी चार-पांच माह उन्हें भी अच्छे कारोबार की उम्मीद है।

कई कंपनियों के माल से बदला ट्रेंड

परचूनी दुकानदारों का कहना है कि पारंपरिक किराना दुकानों का कारोबार बहुमंजिला मॉल कल्चर से प्रभावित हुआ है। अब ग्राहक भी कई स्कीमों के तहत वहीं से खरीदारी को प्राथमिकता देते हैं। दरअसल वहां सेल्फ शॉपिंग से ग्राहक के पास विकल्प भी बढ़ जाते हैं। कई कंपनी के उत्पाद होने से केवल आटा दाल, मसाले ही नहीं बल्कि उससे संबंधित कई अन्य सामान सॉस, चटनी, मिसी आटा, मसाले आदि भी रखने होते हैं जिससे ग्राहक टूटे नहीं। ऐसे में व्यापारी को अधिक माल क्रय करना होता है। उधारी भी करनी पड़ती है। छोटे मोहल्लों आदि में तो ग्राहकों को जोड़े रखने के लिए एक माह तक की उधारी चलानी पड़ती है।

करना होता है बदलाव

पहले परचूनी का कारोबार सबसे सुरक्षित माना जाता था लेकिन अब इसमें बदलाव आ गया है। दुकानों के आधारभूत ढांचे को भी बदलना पड़ता है। इन सब पर इतना खर्च आता है कि लाभ का प्रतिशत घट गया है।

अशोक कुमार

थोक में खरीद से मॉल में सस्ता सामानकेवल राशन का सामान रखना ही पर्याप्त नहीं है। रेडीमेड पाऊच, चटनी, सॉस, आटा, कंपनियों की स्कीमें आदि देनी पड़ती हैं। बड़े मॉल में थोक में माल खरीदा जाता है। जिससे वह ग्राहकों को सस्ता जरूर पड़ता है लेकिन खरीदारी दुगनी हो जाती है। इसका ग्राहक को बाद में पता चलता है।

राजू गमनानी

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अच्छी ग्राहकी की उम्मीद

शहर में पांच हजार से अधिक छोटी-बड़ी किराना शॉप्स हैं। कंपनी के उत्पाद मॉल में उपलब्ध होने से इनका कारोबार 40 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है। ग्राहकों को बड़े मॉल में सभी प्रकार के उत्पादों का विकल्प होता है। थोक की दरें लगने से माल सस्ता मिलता है। लेकिन त्योहारी सीजन में छोटे दुकानदारों को भी तीन-चार माह अच्छी ग्राहकी की उम्मीद है।

रमेश लालवानी, महासचिव, अजमेर व्यापारिक संघ।