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Smart city – ajmer : एक लाख लोग नारकीय जीवन के ‘गुलाम’

Smart city - ajmer : एस्केप चैनल के कारण बढ़ती है कई रिहायशी कॉलोनियों की परेशानी सैकडों घरों के लोग परेशान, कई जगह से दीवार टूटी

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One Million People 'Slaves' of Hellish Life

Smart city - ajmer : एक लाख लोग नारकीय जीवन के ‘गुलाम’

हिमांशु धवल. अजमेर.

शहर के बीच से गुजर रहे आनासागर एस्केप चैनल (Escape Channel) के दोनों ओर बसे एक लाख लोगों (One Million People) की आबादी नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। एस्कैप चैनल (नाला) के कारण पानी (water) भरने की समस्या और सीलन के कारण क्षेत्रवासियों के हाल-बेहाल हो रहे है।
आनासागर लिंक रोड से लेकर माखूपरा तक एस्केप चैनल गुजर रहा है। यह नाला जर्जर है और कई सालों से इसकी मरम्मत नहीं हुई है। नाला कई जगह घनी आबादी के बीच से गुजर रहा है। आनासागर के ओवलफ्लो ( Overflow) होने पर एस्केप चैनल के माध्यम से ही खानपुरा (Khanpura) तक पहुंचता है। आनासागर की चादर चलने के कारण नाला लबालब रहा है। इसके कारण कई जगह नाले की दीवार जर्जर होकर टूट गई है। इससे नाले के आस-पास बने मकानों (house) को भी नुकसान हो रहा है। कई मकानों की फर्श में से पानी आ रहा है तो कहीं पर सीलन के कारण स्थिति खराब होती जा रही है। कुछ माह पहले नाले की सफाई के लिए जेसीबी को नीचे उतारा गया। सफाई (clean) कराने के बाद दीवार को सही तरीके से दुरुस्त नहीं किया गया। वहां पर बड़ा सा सूराख छोड़ दिया गया। इससे पानी कॉलोनी में भर जाता है। इसके बावजूद ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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... तो मच जाती तबाही

शहर में एक अगस्त को करीब साढ़े तीन इंच बारिश (rain) हुई थी। इसके कारण एस्केप चैनल के पास बनी अधिकांश कॉलोनियों (Colonies) में सुबह से शाम तक बारिश का पानी भरा हुआ था। यदि इस दौरान ही आनासागर ( Anasagar) के चैनल गेट को खोल दिया जाता तो कई क्षेत्र डूब जाते। यह तो गनीमत रही कि प्रशासन ने दूसरे दिन आनासागर के चैनल गेट खोले।

फैक्ट फाइल-

50 साल पहले बना था बड़ा नाला

- 8 किलोमीटर करीब है लम्बा नाला
- 1 लाख लोग रहते है नाले के दोनों ओर

- 20 के करीब बस्तियां है नाले के पास

इन मार्गो से गुजरता है एस्केप चैनल

शहर के आनासागर का पानी (water) एस्केप चैनल से निकलता है। इसके बाद यह लिंक रोड, कचहरी रोड, पालबीसला, श्रीनगर रोड, अलवर गेट (alwar gate) , गूजर धरती, सुनहरी कॉलोनी, प्रकाश रोड, आदर्श नगर और माखूपुरा होते हुए खानपुरा पहुंचता है।

होना यह चाहिए
- एस्केप चैनल का धरातल पक्का होना चाहिए।

- इसके दोनों और सीसी की मजबूत दीवार बनाई चाहिए।

- जगह-जगह लोहे की जालियां लगाकर गंदगी को रोका जाना चाहिए

- नाले की सफाई के लिए बार-बार दीवार नहीं तोड़ी जानी चाहिए।

पहले एक मीटर का था नाला

तत्कालीन विधायक बालकिशन कौल ने करीब 50 साल (50 year) पहले बड़ा नाला बनवाया था। इससे पहले एक मीटर चौड़ा और एक मीटर गहरा नाला था। नाले की जगह-जगह से दीवारें टूट रही है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। इसका योजनाबद्ध तरीक से सुधार करवाया जाना चाहिए।
- चंदर सिंह पहलवान, गूजर धरती निवासी

मकान हो जाएगा खराब, दी शिकायत

गत दिनों बारिश आने से नाले की दीवार टूटकर बह गई है। इससे मकान को नुकसान पहुंचने की आशंका है। मकानों का कुछ समय पहले ही निर्माण करवाया गया था। आस-पास के मकानों में सीलन भी आ रही है।
- मंजू शर्मा, जमनादास का बाड़ा नगरा

जेसीबी उतारने के लिए तोड़ा नाला

नाले की सफाई के लिए जेसीबी उतारने के लिए नाले की दीवार तोड़ी गई थी। इसके बाद उसकी मरम्मत नहीं की गई है। इससे आस-पास की बस्ती में बारिश का पानी भर जाता है। लोग हर पल हादसे की आशंका में जी रहे है।
- दुलारी देवी, सुनहरी कॉलोनी निवासी