
चन्द्र प्रकाश जोशी
अजमेर. प्रदेश में वर्षा के मौसम में सर्पदंश (snak-bite)के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। रेगिस्तानी क्षेत्रों में जहां सर्पदंश की घटनाएं सर्वाधिक हुई हैं, वहीं अरावली पर्वत शृंखला के पहाड़ी क्षेत्र से सटे क्षेत्र में भी सर्पदंश का प्रभाव अधिक रहा है। प्रदेश के रेगिस्तानी क्षेत्रों के चलते बाड़मेर में सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। यही वजह है कि पॉलिवेलेन्ट एन्टी स्नेक वेनम, सिरम की सबसे अधिक खपत एवं जरूरत बाड़मेर जिले में हुई है। सर्प के विष से बनने वाली इस दवा की सर्वाधिक खपत वाले पांच जिलों में चार रेगिस्तानी क्षेत्र के हैं।
प्रदेशभर में सर्पदंश की घटनाओं में राजधानी जयपुर के लिए राहत की खबर है। यहां सर्पदंश से अचेत व्यक्तियों के काम आने वाली स्नेक वेनम एन्टी सिरम की यहां बहुत कम जरूरत पड़ी है। अन्य जिलों के मुकाबले यहां कम आपूर्ति हुई है। पहले पांच जिलों में बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर एवं अजमेर जिला शामिल हैं।
सांपों का कहर
वर्षाऋुतु में हर वर्ष प्रदेश में संर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं। सर्पदंश में कुछ लोगों की जान चली जाती है। कई इलाज से ठीक हो जाते हैं तो कुछ झाड़ फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं।
इसी मौसम में क्यों?
सर्दी में सांप शीत निद्रा में चले जाते हैं। उसके पहले अपने शरीर में भोजन भण्डारण करने के लिए बाहर निकल रहे हैं। उनका सामना इंसानों से हो रहा है।
कब डसते हैं सांप
- सांप आदतन हिंसक नहीं होते हैं, वे तभी हमला करते हैं, जब कोई उनकी राह में आ जाता है।
- इंसान से भयभीत होने या खतरा होने पर ही वे डरते हैं।
क्यों जाती है जान?
- सांप जब काटता है, तो लोग जरूरत से ज्यादा डर जाते हैं, इलाज में लापरवाही बरतते हैं।
- अस्पताल जाने की बजाय लोग झाड़ फूंक के लिए चले जाते हैं।
दो प्रजाति के सांप प्रदेश में सर्वाधिक
प्रदेश में 2 प्रजाति के सांप प्रमुख रूप से पाए जाते हैं। इनमें एक कोबरा/नाग तो दूसरा वाइपर/चीतल है।
- राजस्थान सर्वाधिक जहरीले सांपों में कोबरा एवं वाइपर है।
- राज्य में रेट सांप बहुतायत में पाए जाते हैं मगर ये कम काटते हैं।
कैसे काटता है सांप
- फन से जोर से वार करता है।
- विष की थैली से जहर छोड़ देता है।
- कोबरा काटने के दौरान एक एमएल विष छोड़ता है। इसे पुन: तैयार करने में समय लगता है।
- वाइपर सांप एक से अधिक बार काट सकता है, इसके शरीर में विष की मात्रा ज्यादा पाई जाती है।
- कई कोबरा अपने विष को दूर से ही अपने शिकार पर थूक देते हैं।
Published on:
16 Jul 2019 05:00 am
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