
बकायदा फेसबुक पेज के माध्यम से युवाओं को आकर्षित किया जा रहा है।
युवा पीढ़ी को खुशबूदार सुरूर की लत डालने वाले हुक्का बार अब शहर के मुख्य मार्ग से दूर गली-मोहल्ले तक पहुंच चुके हैं। इन अवैध हुक्का बार के बाहर प्रचार-प्रसार के लिए भले ही बड़ा होर्डिंग, बैनर न लगे हों लेकिन सोशल मीडिया पर जबदस्त क्रेज है। बकायदा फेसबुक पेज के माध्यम से युवाओं को आकर्षित किया जा रहा है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में शुक्रवार को पकड़ा गया हुक्का बार का संचालन करना पुलिस को तीन माह बताया गया हो लेकिन यह बीते नौ महीने से संचालित है। सोशल मीडिया पर बकायदा हुक्का बार की ओपनिंग की तिथि से लेकर उसमें मौजूद सुविधा का जिक्र किया है। इसके साथ ही फोटो के माध्यम से हुक्के की तस्वीरे और रेट भी दर्शाई गई हैं। इसके अलावा वाट्स एप के माध्यम से भी ग्रुप बनाकर युवाओं को आकर्षित किया जाता है।
यहां का भी है प्रसार
शहर में चल रहे कैफे ली लफ्यूमी के अलावा भी कई हुक्का बार है जिनका प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया पर किया है। इसमें सूचना के केन्द्र के पास संचालित हुक्का व रेस्टोंरेट और बजरंगगढ़ के पास गौरव पथ स्थित एक मॉल में भी हुक्का बार संचालित होने की सूचना है लेकिन हालांकि जिला पुलिस की साइक्लोन सेल ने कभी सोशल मीडिया पर प्रचारित होने वाले अवैध हुक्का बार पर नजर नहीं डाली।
निजता की भी सुविधा
हुक्का बार में निजता(प्राइवेसी) भी है। इन हुक्का बार में छोटे-छोटे चैम्बर बने हुए होते हैं। इनमें युवा अपनी महिला मित्र और साथियों के साथ बैठकर नशे के कश लगाते हैं। चैम्बर पर लगे मोटे पर्दे से सब ढका रहता है।
मकान पर बना लिया जुगाड़
बैंक कॉलोनी और पुलिस लाइन के बीच नाले पर बसे महादेव नगर में संचालित अवैध हुक्का बार के लिए शेख मंजूर ने अपने मकान का ऊपरी हिस्सा चुना। मकान की छत के ऊपरी हिस्से पर जुगाड़ टिनशैड से बनाया है। मंजूर ने सिर्फ काले रंग से दीवार पर अंग्रेजी में कैफे ली लफ्यूमी लिखवा रखा है। सामान्य तौर पर देखे जाने पर रिहायशी मकान ही नजर आता है।
रिहायशी इलाके में चलने वाले हुक्का बार की जानकारी क्षेत्रवासियों को देनी चाहिए। सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार करने वालों के लिए साइक्लोन सेल को सक्रिय किया जाएगा ताकि उन पर निगरानी के साथ कार्रवाई की जा सके।
राजेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक
Published on:
26 Aug 2017 08:48 am
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